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ऑपरेशन तौकीर : आजम खान के रिश्तेदार के बारातघर समेत सूफीटोला के दोनों बारातघरों पर चला बुलडोजर, महिलाओं ने शुरू की चीख-पुकार

26 सितंबर के बवाल के बाद प्रशासन की सख्ती अब जमीन पर साफ दिखने लगी है। मंगलवार सुबह सूफीटोला पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में बीडीए की टीम ने सपा नेता आज़म खान के करीबी व रिश्तेदार सरफराज़ वली खान के दो बारातघरों — एवान-ए-फरहत और गुड मैरिज हॉल — पर बुलडोज़र चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।
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बरेली

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Avanish Pandey

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Updated: 2 Dec 2025, 3:05 PM IST

Bundi

Bundi: 60 मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई का खतरा (फाइल फोटो-पत्रिका)

बरेली। 26 सितंबर के बवाल के बाद प्रशासन की सख्ती अब जमीन पर साफ दिखने लगी है। मंगलवार सुबह सूफीटोला पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में बीडीए की टीम ने सपा नेता आज़म खान के करीबी व रिश्तेदार सरफराज़ वली खान के दो बारातघरों — एवान-ए-फरहत और गुड मैरिज हॉल — पर बुलडोज़र चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।

महिलाओं की बिलख-बिलख कर गुहार, बुलडोज़र ने नहीं रोकी रफ्तार

जैसे ही पहला बुलडोज़र एवान-ए-फरहत के बाहर पहुंचा, वहां रहने वाली महिलाएं रोने लगीं और रहम की भीख मांगने लगीं। कई ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां किया। गुड मैरिज हॉल की पहली मंजिल पर रहने वाली आरफ़ा खान बोलीं कि हम 20 साल से यहां रह रहे हैं, अचानक नोटिस दे दिया गया। तीन दिन से ठीक से खाना भी नहीं खाया। अगर इमारत गिरी तो हम कहां जाएंगे। लेकिन टीम ने हॉल खाली कराया और कार्रवाई रोकने के सारे प्रयास नाकाम हो गए। ठीक 10 बजे पहली जेसीबी लगाई गई और कुछ ही मिनटों में एवान-ए-फरहत का हिस्सा ढहने लगा।

15 साल पुराने आदेश पर आखिरकार कार्रवाई

दोनों बारातघरों को 12 अक्टूबर 2011 में ही अवैध करार देकर ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया था, लेकिन कार्रवाई फाइलों में दबी रही। 26 सितंबर के बवाल में नाम उछलने के बाद प्रशासन हरकत में आया और नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इलाके में खलबली मच गई। बवाल की जांच में आरोप लगे कि कई रसूखदार लोगों ने भीड़ जुटाने, गाड़ियों व खाने-पीने की सुविधा देने में भूमिका निभाई। उसी दौरान सरफराज़ वली और राशिद खान के इन बारातघरों के दस्तावेज दोबारा खंगाले गए और पुराने आदेशों को लागू करने का फैसला लिया गया।

सुबह 9 बजे से दबाव, दोपहर बाद शुरू हुई जोरदार कार्रवाई

सुबह 9 बजे से बीडीए टीम मौके पर थी, लेकिन पुलिस फोर्स का इंतजार होने के चलते कार्रवाई दोपहर तक अटकी रही। फोर्स मिलते ही टीम सक्रिय हुई और भारी सुरक्षा के बीच दोनों अवैध निर्माणों पर जोरदार ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। अधिशासी अभियंता धर्मवीर सिंह चौहान ने बताया कि पूरी तैयारी के साथ टीम मौके पर है। “ये इमारतें बिना मानचित्र स्वीकृति के खड़ी की गई थीं। नोटिस और आदेश दोनों समय पर दिए गए थे। आज कार्रवाई पूरी की जा रही है।”

और भी अवैध निर्माणों पर टिकी है बीडीए की निगाह

बंडिया, विधौलिया, तिलियापुर और किला क्षेत्रों में कई अवैध बारातघर, मार्केट व अन्य निर्माण जांच के दायरे में हैं। कई पर पहले से ही कार्रवाई चल रही है। प्रशासन की इस सख्ती ने पुराने शहर में कारोबारी और कॉलोनाइज़र वर्ग में खौफ का माहौल बना दिया है।

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