
पैड बैंक ने बनाया 22 फिट लम्बा सैनेटरी पैड, लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड में हुआ शामिल
बरेली। पीरियड्स के प्रति महिलाओं को जागरूक करने के लिए बरेली के कुछ युवाओं ने माई पैड बैंक नाम की संस्था बनाई है। पैड बैंक ग्रामीण इलाकों और मलिन बस्तियों में जाकर महिलओं को महावारी के प्रति जागरूक करता है और महिलाओं के पैड बैंक में खाते खोलकर उन्हें निशुल्क सैनेटरी पैड भी उपलब्ध कराता है। अपने जागरूकता अभियान के लिए पैड बैंक ने दिसंबर 2018 में 22 फिट लम्बा और 11 फिट चौड़ा पैड बनाया था। जनवरी 2019 में इसे उत्तर प्रदेश बुक ऑफ रिकॉर्ड का खिताब मिला था और फरवरी 2020 में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी नाम शामिल हुआ है।
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1720 पैड का हुआ प्रयोग
पैड बैंक के संस्थापक चित्रांश बताते है कि, उनकी टीम निरंतर लोगो मे यह शर्म झिझक तोड़ने का कार्य कर रही है, यही उद्देश्य लेकर हमारी टीम ने यह विशाल पैड बनाया जिसकी आम जनता ने खूब सराहना की एवम बढ़ चढ़ कर हिस्सा भी लिया । वह बताते है कि हम देखना चाहते थे कि जब एक जगह पर एक साथ इतने सारे पैड दिखेंगे तो लोगो की क्या प्रतिक्रिया होगी व लोग कितना इसमें सहयोग करेंगे। इस विशाल पैड को बनाने में 1720 पैड का प्रयोग हुआ था जिसे बाद में मलिन बस्तियों में निशुल्क बाँट दिया गया था।
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टीम करती है जागरूक
पैड बैंक में तमाम युवा शामिल है। इन्होने वीर सावरकरनगर में पैड बैंक का कार्यालय भी बनाया है। इस टीम के सदस्य ग्रामीण इलाकों, मलिन बस्तियों और स्कूल कॉलेज में जाकर जागरूकता अभियान चलाते हैं और महिलाओं और किशोरियों को निशुल्क पैड उपलब्ध कराते हैं। टीम में उत्कर्ष सक्सेना, अना खान , सहर चौधरी , शिल्पी सक्सेना , सुनिधि मालिक, जेनिफर, ऐश्वर्या, अनिल राज , राशि उदित, इमैनुएल , यश, लावण्या रावल, अनुभव , शिल्पी जायसवाल आदि का सहयोग रहता है।
Published on:
28 Feb 2020 10:05 am
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