
100 डलिया फूल पेश कर मांगी उर्स ए रज़वी की कामयाबी की दुआ
बरेली। आला हजरत का 100वां उर्स तीन से पांच नवंबर तक मनाया जाएगा। 100वें उर्स ए रज़वी को लेकर तैयारियां तेज हो गईं है तो वही उर्स की रौनक भी शहर में नजर आने लगी है। 100वां उर्स कामयाबी से सम्पन्न हो इसके लिए दरगाह आला हजरत पर दुआ की गई। दरगाह से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि नूरी लंगर कमेटी के सदर गौहर खान के नेतृत्व में मुफ़्ती आज़म हिन्द के 100 मुरीद 100 फूलों की डालिया लेकर ठिरिया से जुलूस की शक्ल में दरगाह पहुँचे। जहाँ पर दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) की दस्तार बंदी की गई। इसके बाद सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) ने दरगाह पर फूल पेश कराकर दुआ की और काफिले में शामिल सभी 100 लोगो की दस्तार बंदी की गई।
उर्स की तैयारियां तेज
इस बार आला हजरत का 100वां उर्स है जिसके कारण उर्स को लेकर तैयारियां जोर शोर से चल रही है। 100वें उर्स में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों की तादात में जायरीन बरेली आएँगे। जायरीनों के रुकने,लंगर आदि की व्यवस्था के लिए बैठकों का दौर जारी है। बरेली आने वाले जायरीनों को कोई दिक्क्त न हो इसके लिए दरगाह से जुड़े लोग अभी से तैयारी कर रहे हैं।
परचम कुशाई के साथ होगा उर्स का आगाज
तीन नवंबर को परचम कुशाई की रस्म के साथ 100वें उर्स ए रज़वी का आगाज हो जाएगा। दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियाँ इस्लामिया मैदान में परचम कुशाई की रस्म को अदा करेंगे।रात 9 बजे अंतरराष्ट्रीय तरही मुशायरा शुरू होगा। रात 10 बजकर 35 मिनट पर हुज्जातुल इस्लाम के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी।4 नवम्बर को सुबह 9.58 बजे रेहाने मिल्लत के 34वें कुल शरीफ के बाद तहफ़्फ़ुज़ मज़हब और मसलक कॉन्फ्रेंस होगी। रात बाद नमाज़ ए ईशा (9 बजे) दुनिया भर के उलेमा की तक़रीर होगी। मुल्क़ की मशहूर खानकाहों से आये सज्जादगान व उलेमा मुसलमानों के दीनी व मिल्ली मसायल पर चर्चा करेगें। देर रात 1.40 बजे पर मुफ़्ती ए आज़म हिन्द के 38वें कुल शरीफ की रस्म अदा होगी और कार्यक्रम जारी रहेगा। 5 नवम्बर कुरानख्वानी के बाद से तक़रीर का सिलसिला शुरू होगा जो दोपहर 2:38 बजे तक जारी रहेगा। ठीक 2:38 पर आला हज़रत के 100वें कुल शरीफ के साथ तीन रोज़ा उर्स का समापन हो जाएगा।
Published on:
16 Oct 2018, 11:03 AM IST
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