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‘मुर्गा’ और ‘दाना’ कोडवर्ड का होता था इस्तेमाल; उपद्रव में असलाह सप्लाई करने वाले गिरोह के ‘गुप्त राज’ आए सामने

Secrets Revealed Of Riots: उपद्रव में असलाह सप्लाई करने वाले गिरोह के 'गुप्त राज' सामने आए हैं। 'मुर्गा' और 'दाना' कोडवर्ड का बातचीत में इस्तेमाल होता था।

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secrets of gang supplying weapons during bareilly riots have come to light up news

उपद्रव में असलाह सप्लाई करने वाले गिरोह के 'गुप्त राज' आए सामने। प्रतीकात्मक तस्वीर

Secrets Revealed Of Riots: उत्तर प्रदेश के बरेली (Bareilly) में 26 सितंबर को हुए उपद्रव के मामले में असलहा सप्लाई करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद कई अहम खुलासे सामने आए हैं। जांच के दौरान पता चला कि गिरोह के सदस्य आपस में बातचीत के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। वे ‘मुर्गा’ शब्द का प्रयोग तमंचे के लिए और ‘दाना’ का इस्तेमाल कारतूस के लिए करते थे। पुलिस ने जब इन कोडवर्ड्स को डिकोड किया तो हथियारों की सप्लाई का पूरा तरीका सामने आ गया।

UP News In Hindi: पुलिस ने इशरत अली के फोन का डाटा खंगाला

फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की पहचान और तलाश में जुटी है। उधर, गिरोह से जुड़े मुख्य सरगना के करीबी फरहत का भाई इशरत अली, दो आरोपियों सोमू और तस्लीम की गिरफ्तारी के बाद से फरार बताया जा रहा है। जांच के दौरान जब पुलिस ने इशरत अली के फोन का डाटा खंगाला, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जानकारी के मुताबिक, 19 सितंबर से 26 सितंबर के बीच फरहत और इशरत लगातार संपर्क में थे। यहां तक कि उपद्रव शुरू होने के कुछ समय बाद तक भी दोनों के बीच बातचीत होती रही। पुलिस अब कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है।

Uttar Pradesh News in Hindi: CDR से कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए

पुलिस ने सोमू, तस्लीम और कथित सरगना इशरत अली के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाली तो जांच का दायरा और बढ़ गया। CDR से कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। मोबाइल से मिले डिजिटल डाटा से यह भी स्पष्ट हुआ कि हथियारों की सप्लाई को लेकर आपसी बातचीत कोडवर्ड में की जाती थी। बताया जा रहा है कि दो साल पहले मुर्गा लड़ाने के दौरान ही इन लोगों की पहचान हुई थी, जिसके बाद संपर्क बढ़ा।

Crime News in Hindi: मुख्य आरोपी इशरत अली की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार, इशरत की CDR से यह संकेत मिला कि उपद्रव शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद उसकी अपने भाई फरहत से बातचीत हुई। उपद्रव का समय लगभग 2:40 बजे बताया जा रहा है, जबकि उसी दिन 2:54 बजे दोनों के बीच फोन पर बात हुई। इसके कुछ देर बाद पुलिस पर फायरिंग की घटना सामने आई। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े और भी कई नाम सामने आए हैं, जो कथित तौर पर इस अवैध कारोबार में शामिल थे। फिलहाल मुख्य आरोपी इशरत अली की तलाश जारी है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि उत्तराखंड के अलावा यह नेटवर्क और किन-किन राज्यों या क्षेत्रों में हथियारों की सप्लाई करता था।

Bareilly News in Hindi: नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी जांच एजेंसियां

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उपद्रव के दौरान हथियार लेने के लिए 2 लोगों को भेजा गया था। पूछताछ में संकेत मिला है कि इन दोनों व्यक्तियों की पहचान और उनकी भूमिका के बारे में सीमित लोगों को ही जानकारी थी। बताया जा रहा है कि कथित सरगना इशरत ने वीडियो कॉल के जरिए यह पुष्टि की थी कि असलहा लेने पहुंचे लोग “सही व्यक्ति” हैं। वहीं फरहत पर आरोप है कि उसने ही इन आरोपितों को हथियार लेने के लिए भेजा था। फिलहाल पुलिस इन दोनों व्यक्तियों की पहचान स्पष्ट करने और उनकी भूमिका की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटा रही है। जांच एजेंसियां कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डाटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हैं।