
बरेली। फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए लाखों के प्लाट की रजिस्ट्री करवा ली। इसके बाद उसे पांच बार बेच दिया। प्लाट पर कब्जा करने की कोशिश की। विरोध करने पर गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की। आठ लाख रंगदारी मांगी। बिथरी चैनपुर थाने में पांच नामजद समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, हत्या की कोशिश, मारपीट, जान से मारने की धमकी और रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
1993 में खरीदा था प्लाट, कराई बाउंड्री
गंगापुर के रहने वाले गौरव अग्रवाल ने बताया कि उनके पिता प्रेम कुमार अग्रवाल ने सुशील कुमार अग्रवाल और राम औतार खंडेलवाल सचिव गीतांजलि आवास समिति से 24 नवंबर 1993 को 332.24 वर्ग मीटर एक प्लाट खरीदा था। उस पर 5 फीट की बाउंड्री करवाई। प्लाट की फर्जी कूट रचित तरीके से कुसुमनगर के रहने वाले रविंद्र सिंह ने पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की। जबकि मेरे पिता प्रेम कुमार अग्रवाल ने ऐसी कोई पावर ऑफ अटॉर्नी नहीं की। फर्जी पावर आफ अटार्नी के जरिये रविंद्र सिंह ने प्लाट अजय सिंह को बेच दिया।
एक प्लाट की तरीके से कर दी पांच बार रजिस्ट्री
फर्जी पावर ऑफ अटार्नी से प्लाट की पांच बार रजिस्ट्री कर दी गई। शाहजहांपुर में बाड़मऊ के रहने वाली फुल बानो पत्नी शाहिद मियां, सदर बाजार कैंट की नसीम पत्नी अब्दुल राफे उनके पिता रफीउल्ला ने प्लॉट की रजिस्ट्री करवा ली। कब्जा करने की नीयत से वहां बांस बल्ली रख दी। गौरव अग्रवाल ने जब इसका विरोध किया तो हथियारों से लैस होकर उनके पिता का गला दबाकर मारने की कोशिश की। प्लाट खाली करने के बदले आठ लाख की रंगदारी मांगी। मामले की शिकायत पुलिस अफसरों से की गई। आईजी के आदेश पर बिथरी थाने में कुसुम नगर के रहने वाले रविंद्र सिंह, फूल बानो, नसीम, अब्दुल राफे, रफीउल्ला, तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
Published on:
06 Aug 2024 07:59 pm
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
