
बरेली। प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का सबसे मजबूत चेहरा बनकर उभरे एसएसपी अनुराग आर्य को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाबासी दी। बरेली में साइको किलर का पर्दाफाश कर उसे सलाखों के पीछे भेजने वाले आईपीएस अनुराग को मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया। सम्मान समारोह में प्रदेश सरकार के दिग्गज मंत्री, प्रशासन के शीर्ष अधिकारी और उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अफसर मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बरेली जैसे संवेदनशील जनपद में अपराध पर नियंत्रण और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना आसान नहीं होता, लेकिन एसएसपी अनुराग आर्य ने अपने साहस, धैर्य और त्वरित फैसलों से यह साबित कर दिया कि सख्त इच्छाशक्ति हो तो अपराध खुद घुटने टेक देता है।
26 सितंबर 2025 को बरेली का माहौल बिगाड़ने की एक सुनियोजित साजिश रची गई थी। हालात तेजी से तनावपूर्ण होते जा रहे थे और अराजक तत्व शहर को आग में झोंकने की फिराक में थे। लेकिन एसएसपी अनुराग आर्य ने मौके की नजाकत को भांपते हुए खुद मोर्चा संभाला। पुलिस बल को सड़कों पर उतारा गया, रणनीति सटीक रही और कार्रवाई इतनी सख्त कि उपद्रवी भागने को मजबूर हो गए। शहर में शांति कायम रही और कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही। बवाल करने वाले आरोपी मौलाना तौकीर रजा पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर उसे जेल भेज दिया।
एसएसपी अनुराग आर्य की सबसे बड़ी कामयाबी रही शाही और शीशगढ़ थाना क्षेत्र का कुख्यात सीरियल किलिंग मामला। साल 2024 में चार्ज संभालते ही उन्होंने उस केस को हाथ में लिया, जिसे बरेली पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा था। एक साल में करीब 11 महिलाओं की निर्मम हत्या हो चुकी थी। इससे पहले कई नामचीन आईपीएस अधिकारी भी इस गुत्थी को सुलझाने में नाकाम रहे थे। लेकिन अनुराग आर्य ने हार नहीं मानी। सघन जांच, तकनीकी सर्विलांस और जमीनी पुलिसिंग के दम पर उन्होंने नवाबगंज निवासी कुलदीप गंगवार को गिरफ्तार कर छह हत्याओं का सनसनीखेज खुलासा किया। इस कार्रवाई ने न सिर्फ पुलिस विभाग की साख को मजबूत किया, बल्कि अपराधियों के दिलों में कानून का खौफ भर दिया।
एसएसपी अनुराग आर्य के नेतृत्व में बरेली में अपराधियों पर शिकंजा कसता गया। माफिया, हिस्ट्रीशीटर और अराजक तत्व या तो जेल पहुंचे या जिले से बाहर होने को मजबूर हुए। आम जनता ने राहत की सांस ली और पुलिस पर भरोसा फिर से कायम हुआ। उनका सख्त, निष्पक्ष और परिणाम देने वाला प्रशासनिक मॉडल ही आज उन्हें राज्य स्तर पर सम्मान दिलाने का कारण बना। यह सम्मान सिर्फ एक अधिकारी का नहीं, बल्कि उस सोच का है जो अपराध के खिलाफ बिना समझौते की लड़ाई लड़ती है।
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Updated on:
28 Dec 2025 07:39 pm
Published on:
28 Dec 2025 06:02 pm
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