
बरेली। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत शहर की वायु गुणवत्ता सुधार और ग्रीनरी डेवलपमेंट कार्यों की समीक्षा बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। बैठक में डीएम रविंद्र कुमार ने कार्यों में देरी को लेकर नाराजगी जताई और लेटलतीफी बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, समय पर कार्य न करने के कारण अपर नगरायुक्त और वन विभाग के एसडीओ का वेतन रोकने का आदेश दिया गया।
विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता डीएम रविंद्र कुमार ने की। बैठक में एनसीएपी के तहत आवंटित धनराशि का सही उपयोग करने और शहर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। नगर निगम की टीम द्वारा बरेली कॉलेज, आईवीआरआई, पुराना जेल परिसर और परसाखेड़ा स्थित यूपीसीडी परिसर में मियावाकी पद्धति से पौधारोपण किया जा रहा है।
डीएम ने निर्देश दिए कि जिला जेल परिसर में 30 हजार वर्गमीटर और 3 हेक्टेयर चिन्हित भूमि पर पौधारोपण से पहले संबंधित अधिकारियों से लिखित एनओसी प्राप्त की जाए। इस दौरान नगरायुक्त संजीव कुमार मौर्य भी बैठक में उपस्थित रहे।
लेटलतीफी पर कार्रवाई, अधिकारियों को दी सख्त हिदायत बैठक के दौरान सामने आया कि 6 कार्यों के लिए 24 जुलाई को धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन कई महीनों के बावजूद कार्य शुरू नहीं हो सका। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए वन विभाग के एसडीओ और अपर नगरायुक्त का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में देरी के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी किए गए टेंडर में समस्त औपचारिकताएं पूरी न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को दिए गए। डीएम ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि कार्यों में अनावश्यक देरी की गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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Published on:
20 Feb 2025 09:40 pm
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