
Ala hazrat
बरेली। ताजुशरिया मुफ़्ती अख्तर रजा खां उर्फ अजहरी मियां के मुरीद बनने के लिए अब बेबसाइट एवं मोबाइल एप्लीकेशन की पहल की गई है। देश और विदेशों में मुरीद बनने की तमन्ना रखने वाले लोगों वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन मददगार साबित होगी। इसके साथ ही उर्स ए रज़वी के कार्यक्रम भी वेबसाइट और एप पर लाइव सुने जा सकेंगे।
उर्स की तैयारियां तेज
इमाम अहमद रज़ा खान फाजिले बरेलवी का 99वां उर्स 13 नवम्बर से शुरू होने जा रहा है। तीन दिन तक चलने वाले उर्स ए रज़वी में देश विदेश से लाखों की तादात में जायरीन बरेली आते है। मथुरापुर स्थित इस्लामिक स्टडी सेंटर में ताजुशरिया मुफ़्ती अख्तर रज़ा खान की सरपरस्ती व शहर काजी मौलाना असजद रजा खां की सदारत में उर्स का आगाज होगा।
लाइव आॅडियो का होगा प्रसारण
उर्स प्रभारी सलमान हसन खान ने बताया कि उर्स की सभी तैयारियां पूरी की जा रही है। उर्स की तकरीबत को जमात रज़ा ए मुस्तफा की वेबसाइट और मरकज की आवाज मोबाइल एप्लीकेशन पर लाइव सुना जा सकता है, जो अकीदतमंद किसी वजह से उर्स में शामिल होने बरेली नही पहुंच सकते हैं, ऐसे अकीदतमंद अब मरकज की आवाज एप्लिकेशन और जमात रज़ा ए मुस्तफा की वेबसाइट पर तकरीर सुन सकते हैं। इन माध्यमों से अकीदतमंद ताजुशरिया के मुरीद भी हो सकते हैं।
भेजे गए पोस्टर
तीन दिवसीय उर्स ए रज़वी में देश ही नहीं विदेश के भी जायरीन आते हैं। उर्स प्रभारी ने बताया कि इंटरनेशनल उर्स को देखते हुए अमेरिका,हॉलेंड, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, मॉरीशस, सऊदी अरब, मिस्र, श्रीलंका, जिम्बाम्बे, पाकिस्तान, बांग्लादेश और हिन्दुस्तान के विभिन्न हिस्सों में उर्स के पोस्टर और दावतनामे पोस्ट, ईमेल और सोशल मीडिया के जरिये भेजे गए हैं।
ये होंगे कार्यक्रम
तीन दिवसीय उर्स ए रज़वी में 13 नवंबर को मुशायरा, 14 की सुबह मुस्लिम एजेंडा पेश किया जाएगा। ईशा नमाज के बाद इमाम अहमद रजा कान्फ्रेंस का आयोजन होगा और रात को मुफ्ती-ए-आजम हिन्द के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। 15 नवंबर की दोपहर 2.38 बजे आला हजरत का कुल शरीफ होगा और ताजुशरिया उर्स में आए अकीदतमंद और मुरीदों के लिए दुआ करेंगे।
Published on:
01 Nov 2017 02:07 pm
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