
बरेली। दो दिन पहले ही अपने पति और दो बच्चों को खोने वाली महिला पर जब अपने ही पति और बच्चों की हत्या का आरोप लगा तो महिला इसे बर्दास्त नहीं कर सकी और अपने दो साल के बच्चे के साथ ट्रेन के सामने कूद गई। इस दुःखद हादसे में महिला को अपने दोनों पैर गंवाने पड़ गए हालांकि महिला का बच्चा सुरक्षित बच गया। जिला अस्पताल में भर्ती महिला की हालत गम्भीर बनी हुई है।
घर में लग गई थी आग
भोजीपुरा के लखमपुर गांव की रहने वाली लक्ष्मी जिला अस्पताल में ज़िन्दगी के लिए लड़ाई लड़ रही है।लक्ष्मी के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है लक्ष्मी के घर हुए अग्निकांड में वो अपने पति राजाराम और दो मासूम बच्चों बेटे भूरा बेटी चांदनी को गंवा चुकी है। जबकि अग्निकांड में लक्ष्मी और उसका सबसे छोटा बेटा लकी भी झुलस गया था। लक्ष्मी और उसके बच्चे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
लगा हत्या का आरोप
लक्ष्मी कम जली थी इसलिए वो बच गई लेकिन उसके ऊपर ही अपने पति और दो मासूम बच्चों की हत्या का आरोप लगा तो वो उसे बर्दास्त न कर सकी और उसने अपने आप को समाप्त करने की ठान ली। लक्ष्मी रात में ही अपने झुलसे हुए बेटे को लेकर जिला अस्पताल से बिना किसी को कुछ बताए चली गई और सुबह वो कुदेशिया फाटक के पास ट्रेन के आगे कूद गई। पुलिस ने लक्ष्मी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उसकी जान बचाने के लिए उसके दोनों पैर काटने पड़े।
जांच में जुटी पुलिस
एसपी ग्रामीण डॉक्टर सतीश कुमार का कहना है कि बच्चों और पति की मौत के बाद से वो काफी परेशान है और उसके ऊपर ससुराल वालों ने हत्या का आरोप भी लगाया है जिस वजह से वो बदनामी के डर के कारण मरना चाहती थी और उसने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। एसपी ग्रामीण का कहना है कि इस मामले में महिला की पूरी मदद की जाएगी।
क्या था मामला
भोजीपुरा के लखमपुर गांव मे शुक्रवार की रात लक्ष्मी के घर मे शार्ट सर्किट से आग लग गई थी जिसमें जलकर उसके पति राजू, 12 साल के नितिन उर्फ भूरा और आठ साल की चांदनी की मौत हो गई थी। इस प्रकरण में प्रशासन की तरफ से परिवार को बारह लाख की आर्थिक सहायता दी गई है।
Published on:
07 May 2018 06:24 pm
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