33 दिन बाद बाड़मेर पहुंचा शव, आज होगा अंतिम संस्कार

27 नवंबर को बासीरहट जिला पुलिस ने बरामद किया था शव

By: Moola Ram

Updated: 30 Dec 2018, 07:21 PM IST

यों चला घटनाक्रम
- 27 नवंबर को बासीरहट जिला पुलिस ने बरामद किया था शव

- 14 दिसंबर को कोतवाली पुलिस के जरिए मिली जानकारी
- 18 दिसंबर को परिजन ने कहा था- हम शव लाने में असमर्थ

- बाड़मेर निवासी डिप्टी कंमाडेंट की मदद से बाड़मेर पहुंचा शव


बाड़मेर. बाड़मेर से दो जून की रोटी कमाने गए पश्चिम बंगाल गए में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद 33 वें दिन उसका शव बीएसएफ में कार्यरत बाड़मेर निवासी डिप्टी कंमाडेंट की मदद से शनिवार को बाड़मेर पहुंचा। उल्लेखनीय है कि शहर के सरदारपुरा निवासी 38 वर्षीय युवक प्रेमकुमार पुत्र मांगीलाल की पश्चिम बंगाल मजूदरी करने गया था, जहां उसकी 27 नवंबर को संदिग्ध मौत हो गई। मौत की सूचना परिजनों को 14 दिसंबर को कोतवाली पुलिस के जरिए मिली। इसके बाद परिजनों ने 18 दिसंबर को पुलिस को लिखकर दिया ेकि उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं है, सरकार से मदद करवाए, अन्यथा शव का अंतिम संस्कार बासीरहट पुलिस करवा सकती है।

यों मिली मदद, शव पहुंचा बाड़मेर

परिजनों की ओर से शव लाने की असमर्थता पेश करने के बाद समाज के युवाओं ने शव को बाड़मेर लाने के लिए व्हाट्सएप के जरिए मुहिम छेड़ी। मुहिम में समाज के युवाओं ने शव को बाड़मेर लाने के लिए राशि एकत्रित की। इसके बाद आईजोल मिजोरम में सीमा सुरक्षा बल में कार्यरत बाड़मेर निवासी डिप्टी कंमाडेंट मदनलाल गोयल ने शव को बाड़मेर पहुंचाने का जिम्मा उठाया। और ड्यूटी से अवकाश लेकर बासीरहट पहुंचे। यहां शव को बाड़मेर पहुंचाने के लिए कागजी दस्तावेज पूरे किए।

फ्लाइंट से शव पहुंचा अहमदाबाद

बासीरहट जिला पुलिस की ओर से कागजी दस्तावेज पूर्ण होने के बाद शव को मदनलाल ने रिसीव किया। उसके बाद सड़क मार्ग से कलकता एयरपोर्ट पहुंचे। यहां उन्होंने शव को कारगो में पैक करवाया। उसके बाद शव फ्लाइंट से शनिवार को अहमदाबाद पहुंचा। यहां परिजनों से शव को रिसीव किया। सड़क मार्ग से शव देरशाम बाड़मेर पहुंचेगा।

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