
Animal Husbandry Will Be Disturbed
बाड़मेर. पशु चिकित्सकों व कम्पाउंडरों की विधानसभा चुनाव में ड्यूटी के कारण जिले के अधिकांश पशु चिकित्सालयों पर ताले लटकेंगे। ऐसे में 2-3 दिन तक पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
जबकि निर्वाचन आयोग की ओर से आवश्यक सेवाओं वाले कार्मिकों को चुनावी ड्यूटी से मुक्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद भी प्रशासन की ओर से इन कार्मिकों को पीठासीन अधिकारी, जोनल अधिकारी सहित अन्य कार्यों में ड्यूटी लगाई गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं की संख्या अधिक होने के साथ सर्दी के मौसम में अधिकांश पशु बीमार रहने पर इलाज के लिए चिकित्सालय लाया जाता है। चुनाव ड्यूटी के कारण पशुओं को तुरंत इलाज नहीं मिल सकेगा।
जिला मुख्यालय पर भी वैकल्पिक व्यवस्था
जिला मुख्यालय स्थित राजकीय बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालय में पूर्व में कार्यरत चिकित्सकों को चुनावी ड्यूटी में लगाया गया। उनके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था सम्भालने के लिए महिला पशु चिकित्सकों को नियुक्त किया गया है। ऐसे में जहां से महिला चिकित्सकों को लाया गया वहां चिकित्सक या अन्य व्यवस्था नहीं की गई है।
चिकित्सकों ने जताया था विरोध
चिकित्सकों व कम्पाउडरों की चुनाव में लगाई ड्यूटी निरस्त करने की मांग को लेकर एसोसिएशन ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा था लेकिन प्रशासन की ओर से ड्यूटी यथावत रखी गई है।
अलर्ट रहने के निर्देश
कर्मचारियों की चुनावों में ड्यूटी लगी है। शेष कर्मचारियों को अलर्ट के निर्देश दिए गए हैं। पशुपालकों को समस्या नहीं हो, यह कोशिश रहेगी।
डॉ.अमीलाल सारण, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, बाड़मेर
Published on:
05 Dec 2018 01:51 pm
