28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बाड़मेर के लाल की पार्थिव देह देख बेहोश हुई वीरांगना, सैल्यूट कर दी अंतिम विदाई; CRPF जवान का आंध्र प्रदेश में हुआ था निधन

सीआरपीएफ में हवलदार पद पर कार्यरत रामाराम माली के आकस्मिक निधन पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बाड़मेर

•

image

Lokendra Sainger

•

Updated: 23 May 2025, 12:49 PM IST

barmer crpf jawan ramaram

CRPF जवान को पत्नी का आखिरी सैल्यूट (Photo- Patrika)

सीआरपीएफ की 139 वीं वाहिनी में हवलदार पद पर कार्यरत गांव शिवकर निवासी रामाराम माली के आकस्मिक निधन पर गुरुवार को उनके गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले रामाराम की पार्थिव देह के गांव पहुंचने पर उनकी पत्नी सुध बुध खो बैठीं। वीरांगना ने पति को सैल्यूट कर आखिरी विदाई दी। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। चितूर स्थित ट्रेनिंग सेंटर में सेवाएं दे रहे हवलदार रामाराम माली की 20 मई की ऑन ड्यूटी दौरान तबियत खराब होने से निधन हो गया था।

जिनके पार्थिव शरीर के बाड़मेर पहुंचने पर सैकड़ों लोग एकत्रित हुए। भारत माता की जय, रामाराम अमर रहे, वन्दे मातरम के नारे लगाए। इस दौरान भाजपा नेता स्वरुप सिंह खारा, कांग्रेस नेता आजाद सिंह, पूर्व सभापति दीपक माली, माली समाज अध्यक्ष दमाराम माली , थार के वीर संस्थान के संयोजक रघुवीरसिंह तामलोर ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

सैकड़ों मोटर साइकिल ,गाड़ियों के काफ़िले में सैकड़ों लोग नारे लगाते हुए वीर जवान रामाराम माली के निवास तक पहुंचे। जिनका जोश देखने लायक था। अर्जुन माली ने बताया की रामाराम माली के निधन की खबर से पूरे गांव मेँ शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने फक्र महसूस किया कि उनके गांव के बेटे ने देश सेवा मेँ रहते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचने पर माहौल ग़मगीन हो गया। वीरांगना रेशमा देवी ने अपने पति को सेल्यूट कर नमन किया। बेटे राहुल, दिलीप, अर्जुन ने पिता पर गर्व होने की बात कहते हुए सीआरपीएफ अधिकारियों की तरफ से प्रदान किए तिरंगे को सेल्यूट किया।

अचानक हो गए थे बेहोश

सीआरपीएफ के एएसआई कृपाल सिंह ने बताया कि रामाराम, सीआरपीएफ की 139 बटालियन में कॉन्स्टेबल पद पर कार्यरत थे। 20 मई की शाम करीब 5:30 बजे रामाराम अचानक बेहोश हो गए। आंधप्रदेश के अन्नामय्या जिले की सीआईएटी-3 कालीकिरी चितूर ट्रेनिंग सेंटर में उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। जहां जांच के बाद डॉक्टर ने उनको मृत घोषित कर दिया था। वहीं, रामाराम के भाई अचलाराम ने बताया कि वह 15 मई को ही छुट्टियां बिताकर ड्यूटी के लिए रवाना हुए था। 20 मई को ड्यूटी के दौरान उनके निधन की सूचना मिली थी।

यह भी पढ़ें : कोरोना में पिता को खोया… फिर भी नहीं छोड़ा हौसला, साइंस में टॉपर बनी निहारिका