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Rajasthan : पेट्रोल-डीजल-LPG और गेहूं का ‘बफर स्टॉक’ रखना अनिवार्य, जानें बाड़मेर में ‘अचानक’ क्यों निकले ये आदेश?

बाड़मेर में संभावित अतिवृष्टि और बाढ़ को लेकर जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल का बड़ा आदेश। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और गेहूं का आरक्षित स्टॉक रखना अनिवार्य।
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Barmer Flood Warning 2026 Collector Petrol Diesel Wheat Stock Order

Barmer Flood Warning - File PIC

पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति को लेकर अपनी कमर कस ली है। आगामी दिनों में संभावित भारी बारिश की स्थिति के मद्देनजर आमजन को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए एक आदेश जारी किया गया है। जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल के निर्देश पर रसद विभाग ने बाड़मेर के सभी व्यापारिक आउटलेट्स, पेट्रोल पंप संचालकों और उचित मूल्य के दुकानदारों को अपनी-अपनी दुकानों और गोदामों में आपातकालीन आरक्षित स्टॉक सुनिश्चित करने के लिए पाबंद कर दिया है।

पेट्रोल-डीजल का रिजर्व स्टॉक रखना अनिवार्य

जिला रसद अधिकारी कंवराराम द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आपातकालीन परिस्थितियों में वाहनों और प्रशासनिक रेस्क्यू टीमों के संचालन के लिए ईंधन की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण कारक होती है।

ईंधन आपूर्ति को लेकर जारी किए गए मुख्य प्रशासनिक दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं:

रिटेल आउटलेट्स के लिए नियम: बाड़मेर जिले के अंतर्गत आने वाले समस्त रिटेल आउटलेट पेट्रोल पंपों पर न्यूनतम 5000 लीटर डीजल और 500 लीटर पेट्रोल का आरक्षित स्टॉक (Reserve Stock) हर समय उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा।

डेड स्टॉक से अलग होगी मात्रा: प्रशासन ने यह विधिक रूप से स्पष्ट कर दिया है कि पेट्रोल पंपों की ओर से आरक्षित रखी जाने वाली यह डीजल एवं पेट्रोल की मात्रा उनके भूमिगत टैंकों में हमेशा उपलब्ध रहने वाले 'डेड स्टॉक' से पूरी तरह से अलग और अतिरिक्त होनी चाहिए।

इस 'आरक्षित आपातकालीन ईंधन' का वितरण पेट्रोल पंप संचालक अपनी मर्जी से नहीं कर सकेंगे। इसका वितरण केवल जिला रसद अधिकारी, संबंधित उपखंड अधिकारी (SDM) एवं तहसीलदार के लिखित विधिक निर्देशानुसार ही आपातकालीन ड्यूटी में लगे वाहनों के लिए किया जाएगा।

एलपीजी सिलेंडर और गेहूं का बफर कोटा तय

बाड़मेर जिला प्रशासन ने केवल ईंधन ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के घरों में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति और गरीब परिवारों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी एक विस्तृत बफर स्टॉक मैकेनिज्म तैयार किया है।

गैस एजेंसियों के लिए गाइडलाइन: जिले में संचालित प्रत्येक एलपीजी गैस एजेंसी को अपने गोदाम में न्यूनतम 100 भरे हुए एलपीजी गैस सिलेंडर का आपातकालीन रिजर्व कोटा हर समय बनाए रखना होगा।

भारतीय खाद्य निगम (FCI) डिपो: भारतीय खाद्य निगम के बाड़मेर स्थित मुख्य डिपो में न्यूनतम 1000 क्विंटल गेहूं का आरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के विधिक निर्देश दिए गए हैं।

उचित मूल्य की दुकानें (PDS): बाड़मेर जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित होने वाली प्रत्येक उचित मूल्य दुकान (राशन दुकान) पर न्यूनतम 5 क्विंटल गेहूं का आरक्षित बफर स्टॉक हमेशा सुरक्षित रखना होगा, ताकि बाढ़ जैसी स्थिति में भी राशन का वितरण बाधित न हो।

    तत्काल प्रभाव से आदेश लागू

    जिला कलक्टर (रसद) चिन्मयी गोपाल ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि आपदा अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में आमजन के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च विधिक प्राथमिकता है। इसलिए सभी संबंधित व्यापारिक और विधिक संस्थाओं को इस निर्धारित आरक्षित स्टॉक का नियमन करना ही होगा।

    यदि निरीक्षण के दौरान कोई भी पेट्रोल पंप संचालक, गैस एजेंसी या राशन विक्रेता निर्धारित आरक्षित स्टॉक रखने में विफल या दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के कड़े विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

    यह विधिक आदेश संपूर्ण बाड़मेर जिला सीमा क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है तथा आगामी प्रशासनिक आदेश जारी होने तक पूरी तरह से प्रभावी रहेगा।

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