
- रतन दवे/बाड़मेर।
लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Election 2019) में सोचकर ही पसीने छूटे, ऐसी स्थिति रेगिस्तान के बाड़मेर-जैसलमेर संसदीय क्षेत्र में हो रही है। देश के दूसरे बड़े लोकसभा क्षेत्र में 57262 वर्ग किलोमीटर का बड़ा इलाका है। चुनाव 29 अप्रेल को है, तब तक तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंचने की आशंका है। साथ ही इस दौरान यहां लू और आंधियां चलना आम बात है। हालांकि देश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा इलाका जम्मू-कश्मीर का लेह लद्दाख है लेकिन वहां बर्फ होने से गर्मियों में इतनी परेशानी नहीं आनी है।
ये होंगे इंतजाम
150 पोलिंग बूथ डार्क जोन में,मोबाइल कवरेज नहीं, यहां पर वायरलेस सेट दिए जाएंगे।
100 बूथ पर बिजली का इंतजाम नहीं है, यहां पर पेट्रोमैक्स की रोशनी का विकल्प होगा
60 से अधिक पोलिंग बूथ हैं, जहां पर नेटवर्क कहीं से नहीं मिलेगाा तो यहां मोटरसाइकिल सवार रहेंगे, जो तुरंत जानकारी देने के लिए नेटवर्क एरिया तक जाएंगे
03 विधानसभा क्षेत्र में पोलिंग के दो दिन पहले रवाना होंगे क्योंकि दूरी है ज्यादा, लौटेंग भी दूसरे दिन
2252 बूथ पर विकास अधिकारी करेंगे खाने का इंतजाम ताकि गर्मी में बीमार न हों कार्मिक।
विधानसभा के अनुसार क्षेत्रफल (वर्ग किलोमीटर में )
कुल- 57262.00
जैसलमेर 28,875
शिव 9,057
बाड़मेर 2,900.50
बायतु 3,957.50
पचपदरा 2,680.50
सिवाना 3,100.50
गुड़ामालानी 3,048.50
चौहटन 3,642.50
सभी चुनौतियों का कर रहे समाधान
- दूरी सबसे बड़ी चुनौती है और उस पर रेगिस्तान की गर्मी। इसको लेकर पूरी मुस्तैदी से कार्य किया जा रहा है। 12000 प्रत्यक्ष और 10000 अप्रत्यक्ष तौर पर कर्मचारी रात-दिन जुटे है। सभी चुनौतियों को लेकर समाधान कर रहे हैं। जो पोलिंग बूथ डार्क जोन में हैं, वहां मोबाइल कवरेज भी नहीं है। यहां पर वायरलैस सेट दिए जाएंगे। चुनाव की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।
हिमांशु गुप्ता, जिला कलक्टर
Updated on:
03 Apr 2019 04:32 pm
Published on:
03 Apr 2019 03:11 pm
