
Ravindra Singh Bhati and Singh Chhotu Singh controversy
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी और प्रसिद्ध भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच उपजा विवाद अब राजस्थान की सत्ता के गलियारों तक पहुंच गया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक और कद्दावर नेता संयम लोढ़ा ने इस मामले में दखल देते हुए राजस्थान पुलिस महानिदेशक (DGP) और गृह विभाग से हस्तक्षेप की अपील की है। वहीं, सोशल मीडिया पर छोटू सिंह की भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा के साथ एक तस्वीर वायरल होने के बाद इस पूरे विवाद के पीछे 'पॉलिटिकल गेम प्लान' होने की चर्चाएं तक होने लगी हैं।
कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने इस विवाद को बेहद गंभीर बताते हुए राजस्थान पुलिस और गृह विभाग को टैग कर सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है।
संयम लोढ़ा ने गृह सचिव भास्कर सावंत से भी आग्रह किया है कि वे इस मामले में त्वरित संज्ञान लें। कांग्रेस की इस सक्रियता ने भाजपा सरकार और निर्दलीय विधायक भाटी दोनों के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है। लोढ़ा की एंट्री ने यह संकेत दे दिया है कि विपक्ष इस मुद्दे को 'कानून-व्यवस्था' और 'कलाकारों की सुरक्षा' से जोड़कर बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
विवाद के बीच छोटू सिंह रावणा की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही है, जिसमें वे भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा के साथ नजर आ रहे हैं।
छोटू सिंह रावणा ने पहले ही दावा किया था कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिली है और उन पर दबाव बनाया जा रहा है। अब जब कांग्रेस और भाजपा के अन्य गुटों के नाम इस विवाद में जुड़ रहे हैं, तो मारवाड़ की जनता के मन में कई सवाल हैं:
पश्चिमी राजस्थान में इस वक्त माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है। एक तरफ रविंद्र भाटी के समर्थक उन्हें 'जनता का रक्षक' बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ छोटू सिंह के प्रशंसक इसे 'अहंकार की हार' बता रहे हैं। पुलिस प्रशासन के लिए अब यह मामला केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था का सवाल बन गया है।
Published on:
29 Mar 2026 01:40 pm
बड़ी खबरें
View Allबाड़मेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
