
बाड़मेर।
भारत-पाक सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को सेना से जोड़ने और युवकों की शारीरिक रूप से मजबूत बनाने को सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने बीड़ा उठाया है। इसके लिए गांवों में बास्केटबॉल-वालीबॉल कोर्ट, जिम व अन्य खेलों के मैदान, खेल सामग्री और विशेषज्ञ उपलब्ध करवाए जाएंगे।
एक बटालियन चार-चार गांवों का चयन करेगी। यानि प्रत्येक बटालियन से क्षेत्र के 16 गांवों जुड़ेंगे। बीएसएफ के प्रशिक्षक युवाओं को खेल और सेना में आने के लिए प्रशिक्षित भी करेंगे। बीएसएफ की प्रत्येक बटालियन को चार-चार खेल दिए गए हैं। जिसमें जिम, बास्केटबॉल-वालीबॉल व एक खेल ग्रामीण पसंद पर रहेगा।
इन खेलों में हर बटालियन से 16 गांव और इन गांवों के करीब 150 से अधिक युवा जुड़ेंगे। इन युवाओं को तैयार किया जाएगा। पूरी टीम बीएसएफ से जुडी रहेगी। इनके लिए जिम में एक प्रशिक्षक होगा जो अन्य गतिविधियों पर भी ध्यान रखेगा। सेना से जुड़ने के लिए भी इनको जानकारी दी जाएगी।
नेटवर्क होगा मजबूत
बाड़मेर में अभी 4 बटालियन है। सीमांत बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर में भी बीएसएफ की बटालियन है। ऐसे में पूरे सीमांत क्षेत्र पर बीएसएफ युवाओं की एक पूरी टीम से जुड़ेगी जो फाॅर्स के नेटवर्क को भी मजबूत करेगी।
ताकि जुड़ाव बना रहे
बीएसएफ सीमांत ग्रामीणों के साथ रहती है। उनके लिए काम भी करती है ताकि जुड़ा रहे। युवाओं के लिए जिम व्यायामशाला, खेल के मैदान भी बनाने का प्रस्ताव है।
- गुरुपालसिंह, डीआइजी, बाड़मेर सेक्टर
Published on:
17 Mar 2019 03:09 pm
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