5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जुताई के लिए अपनी ही जमीन का भर रहे जुर्माना!

- नाकरिकता नहीं मिलने से जमीन का आवंटन हुआ खारिज - 2005 में नागरिकता तो मिली, लेकिन जमीन नहीं
less than 1 minute read
Google source verification
Citizenship was found in 2005, but no land

Citizenship was found in 2005, but no land

धनाऊ. ग्राम पचायत गोहड़ में पाक विस्थापित परिवारों को अपनी ही जमीन की जुताई पर हर वर्ष जुर्माना जमा करवाना पड़ रहा है। 1965 में पाकिस्तान से यहां आए इन परिवारों को सरकार ने जमीन आवंटित की थी। इसके बाद उन्हें समय पर नागरिकता नहीं मिलने के कारण यह खारिज हो गई।

जागरूकता के अभाव में उन परिवारों को भी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। 2005 में देश की नागरिकता तो मिल गई, लेकिन जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल पाया। वे आवंटित जमीन की जुताई तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें हर वर्ष सरकार को इसके लिए जुर्माना अदा करना पड़ रहा है।

खेती ही आजीविका

इन गांवों में रहने वाले पाक विस्थापितों के लिए खेती ही परिवार चलाने का जरिया है। इसमें भी कई बार अकाल व सूखे की वजह से फसल नहीं हो पाती। ऐसे में उनको हर बार जुर्माना भरने के साथ अपना हक भी नहीं मिल पा रहा है।

सौंपा ज्ञापन-

पाक विस्थापित संघ ने प्रशासन को ज्ञापन सौंप जमीन आवंटन की मांग की है। इस दौरान हरीसिंह, शंकरसिंह, तारसिंह, मानसिंह, सताराम मेघवाल, डामराराम, नखतसिंह, हिम्मतसिंह, सांगसिंह, रामाराम, जवारसिंह, उगसिंह, पीरसिंह, सगतसिंह मौजूद रहे।