
शहर का कचरा,बीपीएल को सजा
बालोतरा पत्रिका.
ये केवल धुंए की तस्वीरें नहीं है, बल्कि नगरपरिषद की अनदेखी के जीते जागते सबूत है। नगर परिषद के जिम्मेदारों की लापरवाही की बेहद असंवेदनशील रवैये की पराकाष्ठा है और दिन-रात सियासी दांव पेंच में व्यस्त जनता की ओर से चुने गए पार्षदों की बेफ्रिकी का चि_ा है। नगर परिषद समूचे शहर के कूड़े-कचरे को बीपीएल क्वाटर के सामने खाली जमीन पर डालती है। वहां पर कचरे के ढेर लगे हुए है। कूड़े-कचरे का सही तरीके से निस्तारण करने के बजाए उसमें आग लगा प्रदूषण का जहर वातावरण में घोला जा रहा है। इसी प्रदूषण के जहर से नया बस स्टेंड व आसपास की बस्तियों के लोग परेशान है, लेकिन उनकी कहीं किसी भी स्तर पर सुनवाई नही होती है। शाम के समय तो लोगों के घरों में धुंआ भर जाता है। ऐसे में उन लोगों का श्वास तक लेना मुश्किल हो गया। खास बात तो यह है कि दो जिलों में प्रदूषण को नियंत्रित करने वाले राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल का क्षेत्रीय कार्यालय भी इसी शहर में है। इसके बावजूद लोगों की समस्या पर कोई ध्यान देने को तैयार नही है।
व्यू- पहली बात तो कूड़े कचरे व प्लास्टिक को खुले में जलाया ही नहीं जा सकता है। इसके जलाने पर एनजीटी ने सख्त रोक लगा रखी है। कचरे का धुंआ जहरीला होता है। धुंए के कण हवा में उड़ते नही है। इससे श्वास व ह्रदय की बीमारी होती है। - डॉ. गोपाल पोहानी, वरिष्ठ चिकित्सक बालोतरा
कचरे को खुले में जलाने की जानकारी नहीं है। पता करवाते है। कचरे को खुले में जलाया जा सकता है। - रामकिशोर, आयुक्त नगर परिषद बालोतरा
कचरे को खुले में नहीं जलाया जा सकता है। अगर नगर परिषद के डंपिंग यार्ड में जलाया जा रहा है। पता करवा एक्ट के अनुसार कार्रवाई करेंगे। - विनय कुमार कट्टा, क्षेत्रीय अधिकारी राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल बालोतरा
Published on:
20 Oct 2018 11:58 pm
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