
मेहबूब ने बीड़ी मांगी, बदले में मिली मौत
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बालोतरा . बालोतरा थाना पुलिस ने शुक्रवार को मेहबूब हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। उन्होंने गांजे के नशे में चूर होकर देर रात करीब 2 बजे के बाद हत्या की वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद मृतक की पहचान को छिपाने के लिए चेहरे को पत्थरों से कुचल दिया। दोनों आरोपी आदतन अपराधी है, जिनके विरुद्ध पूर्व में भी मारपीट, जानलेवा हमले के प्रकरण दर्ज हैं।
बाड़मेर पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल ने बताया कि 9-10 सितम्बर की मध्यरात्रि मूंगड़ा रोड पर मोम्मडन ग्राउंड में मेहबूब खां पुत्र मूसे खां मुसलमान निवासी मूंगड़ा रोड की किसी ने हत्या कर दी। मामले को लेकर थानाधिकारी पुष्पेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। टीम ने तकनीकी सहायता, हत्यास्थल के आसपास रहने वाले लोगों, इलाके के आदतन अपराधियों व अन्य संदिग्धों पर लगातार निगरानी रखी। इसके बाद टीम ने शहर से इलियास खां पुत्र सलीम खां मोयला निवासी पचपदरा रोड व हैदर खां पुत्र हासम खां कुरैशी निवासी मूंगड़ा रोड को दस्तयाब कर पूछताछ की। इसमें दोनों ने लकड़ी व पत्थरों से मेहबूब खां की हत्या की वारदात को स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
बीड़ी मांगने पर हुए गुस्सा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजे के नशे में थे। इलियास व हैदर देर रात करीब दो बजे रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल पर चाय पीकर मूंगड़ा रोड की तरफ जा रहे थे। इस दौरान नई सब्जी-फल मंडी के सामने मांस की होटल के पास मेहबूब ने इलियास से बीड़ी मांगी। इस पर इलियास ने मेहबूब को धक्का दे दिया। इससे वह डिवाइडर से टकराता हुए गिर गया तथा सिर में चोट लग गई। घायलावस्था में दौडऩे का प्रयास किया, लेकिन हैदर ने लकड़ी से मेहबूब के सिर पर वार कर दिया। इससे वह सड़क पर बेहोश होकर गिर गया। इसके बाद वे उसे मोम्मडन ग्राउंड ले गए। वहां पत्थरों से सिर व चेहरे क्षतविक्षित कर दिया। इसके बाद इलियास ने ब्लेड से मेहबूब का पेट फाड़ दिया।
40 दिन में अबूझ वारदात का खुलासा
पुलिस ने हत्या की पहेली का 40 दिन में खुलासा कर दिया। मृतक युवक मंदबुद्धि था। घर से सुबह निकलता और देर रात ही वापस लौटता था। अक्सर मूंगड़ा रोड पर मांस की होटल पर ही खाना खाता था। उसका किसीसे कोई विवाद या क्लेश भी नहीं था। ऐसे में पुलिस के लिए हत्या की कहानी पहेली बन गई थी।
पहले गांजा फिर चाय उसके बाद वारदात
आरोपियों ने मूंगड़ा चूंगी नाका चौराहे के पास सुनसान स्थान पर पहले गांजे का नशे किया। इसके बाद वे मोटरसाइकिल पर बाजार में आ गए। यहां देर रात करीब 2 बजे चाय पीकर मूंगड़ा रोड पर निकल गए। वहां उन्होंने मेहबूब की हत्या की।
लोगों ने कई बार जताया विरोध
मेहबूब हत्याकांड में कई दिन तक पुलिस की ओर से आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने पर मुस्लिम समाज के लोगों ने जुलूस निकाल व पुलिस मुर्दाबाद के नारे विरोध जताया।
दोनों आरोपी आदतन अपराधी
मेहबूब की हत्या के दोनों आरोपी आदतन अपराधी है। दोनों के विरुद्ध पुलिस में मारपीट, जानलेवा हमला, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के मामले दर्ज है। इलियास के खिलाफ पांच व हैदर के खिलाफ एक मामला दर्ज है।
खुलासे में इनकी रही अहम भूमिका
पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल ने बताया कि हत्या के मामले के खुलासे के लिए थानाधिकारी पुष्पेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में हैड कांस्टेबल मोहम्मद अली, कांस्टेबल गोपीकिशन, चेतनराम, उदयसिंह, सुरेन्द्र कुमार, सुखदेव, वीरम खां, रामनारायण व मांगूसिंह की टीम की अहम भूमिका रही।
यह था पूरा मामला
10 सितम्बर को सुबह मोम्मडन ग्राउंड में युवक का शव होने की पुलिस को सूचना मिली थी। इस पर तत्कालीन थानाधिकारी भंवरलाल सीरवी मय जाप्ता मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर एक ब्लेड व खून से सने पत्थर मिले। मृतक की शिनाख्त के बाद मांस की होटल के पास खून के कुछ आलामात मिले। इसके बाद एएसपी कैलाशदान रतनू, डीएसपी विक्रमसिंह भाटी ने मौके पहुंचे। जोधपुर से एफएसएल व डॉग स्क्वायड टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। इसके बाद मामले में तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए मौके पर टेंट लगा धरना दे दिया था। इसके बाद एसडीएम अनिल कुमार व पुलिस अधिकारियों की समझाइश पर धरना उठाया था। पुलिस ने इस मामले में पूछताछ के लिए चार होटलकर्मियों को हिरासत में लिया था।
Published on:
20 Oct 2018 09:38 pm
