
Collision between two government departments for lok parivahan buses
- जिले में नियमों को रौंदकर चल रही है लोक परिवहन की बसें
- तेज रफ्तार से सहमे रहते हैं यात्री, अक्सर रोडवेज व लोक परिवहन बसों के चालकों में कहासुनी
बाड़मेर। सीकर जिले के फतेहपुर क्षेत्र में लोक परिवहन की बस रोडवेज बस को ओवरटेक कर चल रही थी और सामने से आ रहे ट्रोले से भिड़ गई, जिसमें 11 जनों की मौत हो गई। ऐसे हादसों से यहां भी इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि सवारियों के चक्कर में रोडवेज और लोक परिवहन की बसों के बीच रफ्तार की बेलगाम दौड़ जारी है। यहां तो लोक परिवहन की कई बसें नियमों को रौंदकर चल रही है। ना टैक्स जमा करवाया और ना ही रूट का परमिट है, इसके बावजूद धड़ल्ले से संचालित की जा रही हैं। जानकर भी जिम्मेदार विभाग के अधिकारी चुप बैठे हैं। इससे न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है बल्कि रोडवेज को भी चूना लग रहा है। विशेषकर जोधपुर-बालोतरा-बायतु-बाड़मेर मार्ग पर रोजाना रोडवेज व लोक परिवहन के चालकों व परिचालक के बीच तू-तू...मैं...मैं...आम है। बालोतरा में रेलवे फाटक के बस कई बार लोक परिवहन की बसें इस तरह आड़ी खड़ी कर दी जाती है कि लम्बा जाम लग जाता है। यहां यातायात पुलिसकर्मी मूक बनकर समर्थन देते रहते हैं। इस संबंध में रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने कई मर्तबा जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, परिवहन अधिकारियों को लिखित में इन अवैध बसों पर कार्रवाई के लिए लिखा लेकिन कुछ नहीं हो रहा।
जाना चाहिए चवा, आती है बायतु होकर
जोधपुर-बाड़मेर, गडरारोड, चौहटन मार्ग पर फिलहाल लोक परिवहन की 32 बसों को अनुज्ञापत्र जारी हैं। इनमें 12 बसों का रूट जोधपुर-बाड़मेर वाया कल्याणपुर, पचपदरा, बालोतरा, सिणधरी, चवा मार्ग है लेकिन अधिकांश बसें वाया बायतु होकर बाड़मेर आ रही हैं। बालोतरा-बायतु होकर केवल तीन बसों का अनुज्ञापत्र है। इसी तरह जोधपुर-अजमेर की कई बसों का अनुज्ञापत्र भी चवा होकर है, जो नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं।
वर्ष 2016 से कर बकाया
अधिकांश बसों का लाखों का टैक्स बकाया है, लेकिन बसें बिना टैक्स चुकाए बेधड़क दौड़ रही हैं। करीब आठ बसों का टैक्स तीन लाख से अधिक का बकाया है, जिसे चुकाए बिना बसें संचालित हो रही हैं। जोधपुर-बाड़मेर मार्ग पर छह बसों के चालान बनाए गए हैं लेकिन बिना चालान जमा कराए ही चल रही हैं।
पूरी सूची सौंपी, फिर भी चुप्पी
लोक परिवहन की अधिकांश बसें अवैध चल रही हैं। सूची समेत इसकी पूरी सूचना कलक्टर, एसपी, डीटीओ व आरटीओ को दे चुके हैं, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती है। हम तो परेशान हो गए हैं। अब मजबूरी में बैठे हैं क्योंकि कानून तो हाथ में नहीं ले सकते। - गणपत सोंलकी, यातायात प्रबंधक, रोडवेज,बाड़मेर
अवैध जैसी कोई बात नहीं
परिवहन विभाग की ओर से समय-समय पर कार्रवाई होती है। एेसा नहीं है कि अवैध बसें चल रही हैं और हम कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। रूट के अनुसार ही बसों का संचालन किया जा रहा है। अगर इस तरह की कोई जानकारी है तो शिकायत करें, कार्रवाई होगी। - डी.डी. मेघाणी, जिला परिवहन अधिकारी, बाड़मेर
Published on:
05 Jan 2018 08:57 am
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