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मित्रता में गरीबी अमीरी का कोई स्थान नहीं – कृपाराम महाराज

भागवत कथा का समापन

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Completion of Bhagwat Katha,Sindhuri chauraha

Completion of Bhagwat Katha near Sindhuri chauraha

बाड़मेर. नागणेची नंदी गोशाला सेवा समिति बांदरा की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन रविवार को संत कृपाराम महाराज ने कहा कि मित्रता में कभी अमीरी गरीबी का कोई स्थान नहीं है। मन में ऊंच नीच नहीं होनी चाहिए। उन्होने भगवान कृष्ण व सुदामा चरित्र वृतांत के दौरान दोस्ती के बारे में बताया। कथा के दौरान बताया कि कृष्ण रूखमणी विवाह के बंधन के बाद जिस प्रकार प्रेम से रहे उन्ही प्रकार आधुनिक समाज के नवदंपतियों को आपसी प्रेम से रहकर समाज निर्माण में योगदान देना चाहिए।
उन्होने समाज में तेज गति से फैल रही नशाव्रती युवाओं को अपने आगोश में ले रही है । नशा करने वाला व्यक्ति परिवार, समाज ,राष्ट्र का पतन करने के साथ स्वयं का शारीरिक, आर्थिक, आध्यात्मिक, मानसिक एवं बौद्धिक दृष्टि से गिर जाता है । जिससे उनके मन में हर समय दूसरे के प्रति नकारात्म सोच बनी रहती है । इसके लिए वृद्धजनों व बुद्धिजीवियों को आगे आकर लोगों को जागरूक करना होगा। उन्होने कहा कि समाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में नशावर्ती पर पूर्ण प्रतिबंध होना चाहिए । उन्होने कहा कि सभी को संकल्प लेकर जाना है कि गाय एवं माता पिता की सेवा करेंगे और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहेंगे । इस मौके पर बता मेरे यार सुदामा रे भजन की प्रस्तुति दी गई।

इन भामाशाहों का रहा योगदान

बाड़मेर-जैसलमेर सांसद कर्नल सोना राम चौधरी, देवाराम देहड़ु , हनुमान राम सारस्वत , किशन सिंह , पोकर राम जाणी, अणदा राम कड़वासरा , श्रीराम सियाग, देवाराम बेनीवाल एवं गो भक्तो ने गो दान किया । समिति प्रवक्ता हनुमान राम डऊकिया ने बताया कि कथा का समापन महाआरती के साथ हुआ।

मातृ पितृ पूजन कार्यक्रम आयोजित
योग वेदांत समिति की ओर से मातृ पितृ पूजन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। महोत्सव में मुख्य यजमान रेखाराम सऊ , गोशालाअध्यक्ष रेखा राम डऊकिया, सवाई राम सियाग , चूना राम ,पन्ना राम बेनीवाल, टीकम भारती, प्रहलाद डूडी , भूरा राम मायला, किस्तूरा राम, बाला राम सऊ, बाला राम गोदारा , खरता राम , धर्मा राम लेघा , गोमाराम बांगड़वा, खेमाराम आर्य , रणसा राम प्रजापत, चंद्रप्रकाश बेनीवाल आदि भक्तो ने सहयोग किया ।