
मौत रवाना हुई, जिंदगी को पता चला और दौड़कर बचा लिया रमेश को
बाड़मेर.मौत रवाना हो गई...यह कहकर कि बस मैं आ ही रही हूं, लेकिन जिंदगी को यह पता चल गया। जिंदगी इस रफ्तार से दौड़ी की मौत के जबड़े से रमेश को निकाल लिया। जिंदगी और मौत की जंग की यह रोंगटे खड़े करने और आत्महत्या करने वालों को सबक देने की सबसे बड़ी हकीकत है। बाड़मेर जहां इन दिनों आत्महत्याएं इतनी बढ़ी है कि मरने वाले सोच नहीं रहे हैं एक व्यक्ति एेसा भी है जो आज मौत से बचकर कहता है कि मैने गलती की, और कोई न करें। आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है। सेडवा उपखंड के सावा निवासी रमेश मेघवाल ने मानसिक तनाव के चलते शहर के एक होटल में दरवाजा बंद कर नींद की 30-35 गोलियां खा ली। आत्महत्या का निर्णय कर चुके युवक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी कि मैं अपनी लाइफ से परेशान हो चुका हूं, ना मैं अच्छा बेटा बन सका ना अच्छा फेमिली मेम्बर, प्लीज मुझे माफ कर देना, मैं आज शाम को सुसाइड करने जा रहा हूं, पापाजी मुझे माफ़ कर देना और मेरे बच्चों तुम भी, अलविदा यारों, मैं अपनी मर्जी से सब कर रहा हूं इसका कोई जिम्मेदार नहीं है। अलविदा सबको। कल राज पैलेस बाड़मेर आ जाना मेरी मौत का अफ सोस मत करना। आई लव माई फेमिली। इसके बाद बेहोशी छा गई।मौत और जिंदगी की दौड़ देखिएयह पोस्ट वायरल हुई और इधर रमेश की जिंदगी की जंग शुरू। जैसे ही दोस्तों ने पोस्ट को पढ़ा पिता को बताया और उन्होंने तुरंत संबंधित होटल में रिश्तेदारों व दोस्तों को भेजा। बदहवाश लोग दौड़ते हुए पहुंचे। कमरा अंदर से बंद था, दरवाजा तोड़कर अंदर गए। अचेत रमेश को उठाया और अस्पताल लाए। एक घंटे की मशक्कत से रमेश की जिंदगी बच गई और परिजनों की सांस में सांस आई। मैने गलती की और कोई नहीं करें बुधवार को पत्रिका टीम ने जब रमेश से बातचीत की तो उसने बताया कि तीन वर्ष पहले उसने मध्यप्रदेश से जीएनएम का कोर्स किया था। इसके बाद नौकरी के खूब प्रयास किए लेकिन नहीं मिली। ऐसे में मानसिक तनाव के चलते गलत कदम उठाया। जब गलती का अहसास हुआ और परिवार व दोस्तों की याद आई तो तुरंत सोशल साइट पर पोस्ट डाली। रमेश ने कहा कि जीवन में कोई गलत कदम उठाने से पहले एक पल के लिए जरूर सोचा। एक पल सोचा हुआ उस सही दिशा में ले जाएगा। इससे स्वयं की जिंदगी बचने के साथ घर परिवार में खुशियां आएगी। छोटी सी गलती से परिवार में दुखों के पहाड़ टूटते हैं। कोई समस्या हो तो परिवार व दोस्तों के साथ मिल बैठकर समाधान करें। मैं कहता हूं..यह गलती कोई न करें। सोशल साइट बनी सहारा रमेश के पिता महेन्द्र जोगु हैंडीक्राफ्ट के व्यापारी है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने गलती तो कि है लेकिन सोशल साइट पर पोस्ट करने से उसके दोस्तों ने पढ़ कर तुरंत मुझे सूचना दी। इसके बाद मैने रिश्तेदारों को सूचना दी। समय रहते सभी पहुंच गए तो आज मेरा बेटा सुरक्षित है। सभी दोस्तों व परिवार की दुआएं काम आई।
Published on:
04 Jul 2019 06:10 am
