
Congratulations Barmer-Jaisalmer
बधाई हो बाड़मेर-जैसलमेर
रतन दवे
बाड़मेर-जैसलमेर के मतदाताओं को बहुत-बहुत बधाई। प्रदेश में सर्वाधिक 73.20 प्रतिशत मतदान के लिए। लोकतंत्र के सबसे बडे़ उत्सव को महोत्सव बनाने की। तमाम मुश्किलों, गर्मी, लू और दूरियों को पछाड़कर देश के लिए आगे निकल आने की। प्रदेशभर में जिस बाड़मेर को काला-पानी की सजा के रूप में देखा जाता है उसने दिखा दिया कि यहां के लोग कितने जागरूक हैं। शिक्षा के प्रतिशतांक भले ही यहां कम हों लेकिन मतदान की समझ में पूरे प्रदेश को पछाड़ दिया। अकाल,अभाव और मूलभूत सुविधाओं के लिए यह सीमांत इलाका भले ही संघर्ष कर रहा है लेकिन लोकतंत्र के निर्माण में पीछे नहीं है। यह सब संभव हुआ साझा प्रयासों से। राजस्थान पत्रिका ने हमराह, चुनें देश का भविष्य और मतदान जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए मतदाताओं को गांव-गांव में जागरूक किया। मुद्दा क्या है और वोट करें ताकि यह तस्वीर फिर नजर नहीं आए...के जरिए लगातार लोगों को प्रेरित किया कि वोट करना बहुत जरूरी है और यह अभियान दिल में उतरा। प्रशासन का स्वीप कार्यक्रम जिले के कोने-कोने में पहुंचा और जनप्रतिनिधियों ने भी प्रत्येक बूथ तक पहुंचने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। सोशल मीडिया ही नहीं प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचने के हर माध्यम ने सहयोग किया। नतीजा मतदान के रूप में सामने है।
मीलों सफर कर मतदान का यह रेकार्ड बनाने वाले बाड़मेर- जैसलमेर के लोगों के प्रति अब प्रत्याशियों ही नहीं प्रशासनिक अमले व हर जिम्मेदार की जिम्मेदारी बनेगी वे इनकी सुनें। सीमांत क्षेत्र में पानी की समस्या को सहते और कहते हुए कई लोगों के बाल सफेद हो गए। जिले में पेयजल की चार बड़ी योजनाओं को पूरा करने में चालीस साल बीत गए तो फिर वोट देने वालों की कौन सुन रहा है? 55 लाख पशुधन और विशेषकर 8 लाख गोवंश के लिए अकाल बड़ा संकट है लेकिन समाधान नहीं मिल रहा तो मीलों सफर कर वोट देने आने वाले पशुपालक की पीड़ा कौन हरेगा? तेल-गैस और कोयले के बूते आर्थिक तरक्की की सीढि़यां चढ़ रहे जिले के युवाओं को रोजगार छोडि़ए अभी पढऩे को पर्याप्त स्कूल-कॉलेज नहीं हैं तो फिर कैसे शिक्षा का उजियारा धोरों में फैलेगा? चिकित्सा सुविधाओं के लिए यह जिला आज भी गुजरात का मोहताज है। मुगालता यह भी ठीक नहीं है कि यह शहर दुबई बन रहा है, अभी तक तो किसी ने ढंग से इसकी नींव भी नहीं रखी है। हमारे तेल से राज्य का खजाना तो भर रहा है लेकिन बाड़मेर की ग्राम पंचायतों की जेब खाली है। जरूरी है कि जो जिला लोकतंत्र के लिए मतदान की इतनी बड़ी जागरूकता दिखा रहा है उसके लिए 'मतÓ लेने वाले भी जागें। फिक्र मत कीजिए जिस तरह से मतदान किया है जागना होगा...मतदाताओं को बार-बार बधाई कि मताधिकार का अधिकार से प्रयोग किया।
Updated on:
30 Apr 2019 10:55 am
Published on:
30 Apr 2019 10:55 am
