
Crisis of power-drinking water on border, warning of election boycott
बॉर्डर के गांवों में बिजली-पेयजल का संकट, चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
- ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के बाहर किया विरोध प्रदर्शन
बाड़मेर पत्रिका
भारत-पाक बॉर्डर पर स्थित नोहडिय़ाला व समें का तला गांव में बिजली-पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन कर मुख्य निर्वाचन अधिकारी भारत सरकार के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर लोकसभा चुनाव में मतदान बहिष्कार करने की चेतावनी दी। इससे पहले महावीर पार्क में बैठक आयोजित हुई। बैठक में पेजयल व बिजली सहित अन्य समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में प्रवीणसिंह आगौर ने कहा कि भारत को स्वतंत्र हुए 70 साल बित गए है, इसके बावजूद बॉर्डर के गांवो में पेयजल व बिजली का संकट है। सरकार महज जूठी घोषणाएं कर रही है। उन्होंने कहा कि हम चुनाव का बहिष्कार करेंगे। हरीसिंह मिठड़ाऊ ने कहा कि पेयजल-बिजली सहित मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर काट-काट थक चुके है। इसके बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ है। रघुवीरसिह तामलोर, गणतसिह नोहडीयाला, राजेन्द्रसिह भियाड़ ने सम्बोधित किया। इस दौरान हुक्मसिंह, समुन्द्रसिह देदूसर, नरपतसिह गेंहू, निम्बसिह, भभूतसिह, सर्जनसिह, रावतसिह, राणसिंह मारुड़ी, उम्मेदसिह, बलवंतसिह, गणतसिह, चौथसिह, स्वरूपसिह, जालमसिह, सवाईसिह, अचलसिह, मदनसिह, जालमसिह जालिपा, सवाईसिह समे तला सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
Published on:
03 Apr 2019 07:53 pm
