
Damage to crops from rain
बालोतरा. जिले में दो दिन से चली तेज आंधी व तूफान से किसानों की कई वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कम गहराई की जड़ के कारण कई किसानों के लगाए अनार के पौधे उखड़ गए। एेसे में पहले अनार के रिकॉर्ड कम भाव व अब प्रकृति का प्रकोप किसानों को दगा दे गया। करीब पांच फीसदी पौधे उखडऩे से किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ा है।
दो दिन लगातार चली तेज आंधी व तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। एक से डेढ़ घंटे तक चली आंधी से कई पेड़ गिर गए। टिनशैड, शाइन बोर्ड, होर्डिंग, उडऩे, के साथ बिजली के पोल व विद्युत तार टूटे। इससे आमजन, व्यापारियों, उद्यमियों व डिस्कॉम को नुकसान हुआ है।
हजारों हैक्टेयर में लगे हैं पौध
जिले के सैकड़ों गांवों में बागवानी फसल के रूप में किसानों ने हजारों हैक्टेयर में अनार के पौधे लगा रखे हैं। परिपक्व अनार पौधे की जड़ डेढ़ से दो फीट गहरी ही होती है। इस पर तेज आंधी, तूफान से जगह-जगह बड़ी संख्या में अनार के पौधे उखड़ कर जमीन पर गिर गए। अनार की उपज बुवाई के तीसरे वर्ष मिल पाती है। एक पौधे को तैयार करने में 450 से 500 रुपए खर्च आता है। वहीं इससे पहले वर्ष करीब 700 से 800 रुपए की कमाई होती है।
पौधा बड़ा होने के साथ इससे अधिक पैदावार मिलने से ज्यादा कमाई होती है। इस पर क्षेत्र के खेतों में जगह जगह अनार के पौधे उखडऩे से किसानों की मेहनत व कमाई पर पानी फिर गया है। एक अनुमान के तौर पर खड़े पौधों में से करीब 4 से 5 फीसदी पौधे उखड़े हैं। इस पर किसानों को दुबारा पौधे लगाने पड़ेंगे। इन्हें तैयार करने में अधिक मेहनत के साथ पैसा खर्च करना पड़ेगा। वहीं पैदावार व कमाई के लिए तीन वर्ष का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। इससे कई किसानों की हालत खस्ताहाल हो गई है।
दुबारा लगेगा समय व मेहनत
तेज आंधी, तूफान से अनार के पौधों को अधिक नुकसान हुआ है। मेरे करीब 40 पौधे उखड़ गए। इस पर दुबारा लगाने व तैयार करने में अधिक मेहनत व पैसा खर्च होने को लेकर परेशान हूं।- लादूराम चौधरी, बुड़ीवाड़ा किसान
बीमा योजना में करें शामिल
आंधी व तूफान से जगह-जगह बड़ी संख्या में पौधे उखड़ गए हैं। इससे किसानों की मेहनत व कमाई पर पानी फिर गया है। सरकार अनार फसल को बीमा योजना में शामिल कर किसानों को राहत पहुंचाएं।- जोगसिंह, जागसा किसान
तेज आंधी से नुकसान
आंधी के अधिक वेग को अनार के कम गहराई की जड़ वाले पौधे सहन नहीं कर पाए। इससे बड़ी संख्या में पौधों के उखडऩे से किसानों को नुकसान हुआ है। इस वर्ष कमजोर भाव से किसानों को पहले भी अधिक नुकसान उठाना पड़ा। - गणपतराम चौधरी, किसान
Published on:
14 May 2019 02:12 pm
