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सवा करोड़ की मिठाई करते हैं चट, पढि़ए पूरा समाचाार

- 100 से अधिक कारीगर नाना प्रकार की बना रहे मिठाइयां -खुशबू से महक रही औद्योगिक नगरी  

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सवा करोड़ की मिठाई करते हैं चट, पढि़ए पूरा समाचाार

सवा करोड़ की मिठाई करते हैं चट, पढि़ए पूरा समाचाार


बालोतरा.सोमवार से प्रारंभ होने वाले दीपावली पर्व को लेकर शहर, क्षेत्र में सैकड़ों कारीगर जोर-शोर से मिठाइयां बनाने में जुट गए हैं। देर रात तक कारीगर काम कर नाना प्रकार की मिठाइयां बनाते हैं। इससे आसपास का क्षेत्र मिठाइयों की खुशबू से महक उठा है। पर्व पर शहर में 20 टन से अधिक मिठाई की बिक्री होगी।

सोमवार को धनत्रयोदशी पर्व के साथ दीपावली पर्व प्रारंभ होगा। इसके साथ ही लोग धूमधाम से पर्व मनाने को लेकर खरीदारी करेंगे। पर्व पर मिठाइयों की बिक्री अधिक होने पर मिठाई कारोबारी इन्हें बनाने में जुट गए हैं। शहर के विभिन्न गोदारों में एक सौ से अधिक कारीगर मिठाइयां बनाने के काम में जुटे हुए हंै। सुबह नौ से रात एक- दो बजे तक वे इस काम में जुटे रहते हंै। कुछ घंटे के आराम बाद फिर से काम में जुट जाते हैं।मिठाइयों की खुशबू से महक उठा शहर- शहर में बड़े स्तर पर मिठाइयां बनाई जा रही है। बेसन, मावा, मेव से अंजीर बर्फी, काजू कतली, काजू डॉलर, पिस्ता रोल, पंच मेवा, मेवा पान, गुलकंद बर्फी, राजभोग, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, पेड़ा, बालुशाही, ठोर, बेसन-दाल - बिदाम चक्की, मैसूर, मावा बर्फी आदि नाना प्रकार की मिठाइयां बनाई जा रही है। इसके अलावा बड़े स्तर पर विभिन्न प्रकार की नमकीन बनाई जा रही है। बड़े स्तर पर बनाई जा रही मिठाइयोंं पर शहर खुशबू से महक उठा है। गौरतलब है कि दीपावली पर मेहमानों का मुंह मीठा करवाने का रिवाज है। पूर्व में जहां लोग घरों में हलुआ, चक्की आदि बनाते थे,लेकिन अब घरों में मिठाइयां कम बनती है और लोग बाजार से मिठा खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं। इसके चलते मिठाई की दुकानों पर तीन दिन में सवा करोड़ से ज्यादा की मिठाई बिकती है।

वहीं बालोतरा से कई क्ंिवटल मिठाई बन कर दूसरे राज्यों में जाती है। विशेषकर बड़े शहरों में जहां मिठाइयों का दाम ज्यादा होने पर बालोतरा से भी मिठाई मंगवाते हैं।