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चिकित्सक को नोटिस ना मेडिकल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज

- सीएमएचओ व पीएमओ के विरोधाभासी बयान दस दिन पहले का मामला, विभाग अब तक चुप
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चिकित्सक को नोटिस ना मेडिकल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज

चिकित्सक को नोटिस ना मेडिकल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज

बालोतरा. शहर के राजकीय नाहटा चिकित्सालय के बाहर एक चिकित्सक के हस्ताक्षरयुक्त खाली पर्चियां मिलने के 10 दिन बाद भी अस्पताल प्रशासन ने न तो चिकित्सक से जवाब मांगा और ना ही मेडिकल संचालक के विरूद्ध पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करवाई। सीएमएचओ के निर्देश पर औषधि निरीक्षक ने शुक्रवार को मेडिकल स्टोर की जांच की। इस दौरान मेडिकल स्टोर पर बिना फार्मासिस्ट के दवाइयों का बेचान किया जा रहा था।

जांच में मिली अनियमितताएं- नाहटा चिकित्सालय के बाहर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर खाली पर्चियां मिलने का मामला प्रकाश में आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमलेश पटेल के निर्देश पर शुक्रवार को औषधि निरीक्षक आशीष गज्जा बालोतरा पहुंचे। उन्होंने मेडिकल स्टोर के लाइसेंस, बिल बुक, दवाइयां बेचान के रेकर्ड, फार्मासिस्ट, दुकान की साइज, दवाइयां रखने के तरीको इत्यादि की जांच की। जांच के दौरान दुकान पर बिना फार्मासिस्ट के दवाइयों की बिक्री हो रही थी। इसके अलावा भी कई और अनियमितताएं मिली है। जिनकी रिपोर्ट बना ली गई।
विरोधाभासी बयान से संदेह- मेडिकल स्टोर पर अवकाशलीन चिकित्सक के हस्ताक्षरयुक्त खाली पर्चियां मिलने के बाद 10 दिन शनिवार को पत्रिका टीम ने पड़ताल के दौरान नाहटा चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. बलराजसिंह पंवार व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमलेश पटेल से जानकारी चाही तो दोनों के बयान विरोधाभासी थे। दोनों अधिकारियों के विरोधाभासी बयानों से विभाग की भूमिका पर सवालिया निशान लग रहे हैं।

यह है मामला- बालोतरा के राजकीय नाहटा चिकित्सालय में कार्यरत डॉ. गोपाल पोहानी 13 जून से 17 जून तक अवकाश पर थे। 13 जून को नि:शुल्क जांच योजना की डॉ. पोहानी के हस्ताक्षरयुक्त सरकारी पर्ची लेकर एक मरीज सोनोग्राफी करवाने पहुंचा। इस दौरान सोनोलॉजिस्ट के ध्यान में आया कि डॉ. पोहानी अवकाश पर है, उन्होंने मरीज से पर्ची के संबंध में पूछताछ की तो उसने शुल्क देकर मेडिकल स्टोर से सरकारी पर्ची लाने की बात स्वीकार की। इसके बाद सोनोलॉजिस्ट ने पीएमओ को पूरे मामले की जानकारी दी। पीएमओ ने पुलिसकर्मियों व चिकित्सालय के नर्सिंग स्टाफ को भेज मेडिकल स्टोर से बड़ी मात्रा में हस्ताक्षरयुक्त खाली नि:शुल्क जांच योजना की पर्चियां बरामद करवाई। इसे लेकर राजस्थान पत्रिका ने 21 जून के अंक में 'चिकित्सक अवकाश पर, नि:शुल्क दवा की पर्चियां दुकान पर, पीएमओ ने शुरू की जांचÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर पूरे मामले का खुलासा किया था।
अब नोटिस देकर मांगेंगे जवाब- चिकित्सक के हस्ताक्षरयुक्त नि:शुल्क जांच योजना की खाली पर्चियां मेडिकल स्टोर पर मिलने के बाद मामले में अभी तक किसी चिकित्सक को नोटिस नही दिया गया। अब नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। - डॉ. बलराजसिंह पंवार, पीएमओ राजकीय नाहटा चिकित्सालय बालोतरा

अनियमितताएं मिली- सीएमएचओ के निर्देश पर मेडिकल स्टोर की जांच की। कई अनियमितताएं मिली। उस दौरान बिना फार्मासिस्ट के दवाइयां बेची जा रही थी। अनियमितताओं की रिपोर्ट शीघ्र ही उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। - आशीष गज्जा, औषधि निरीक्षक बाड़मेर
कड़ी कार्रवाई की जाएगी-मेडिकल स्टोर पर सरकारी जांच की पर्चियां मिलना गंभीर मामला है। जिन चिकित्सकों के खाली पर्चियों पर हस्ताक्षर थे। उनको नोटिस दे दिए हैं। औषधि निरीक्षक से मेडिकल स्टोर की जांच करवाई है। जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. कमलेश पटेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बाड़मेर