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चिकित्सक हड़ताल : गंभीर मरीजों के लिए आफत, सरकारी और निजी दोनों कर रहे रैफर

- चिकित्सक हड़ताल: 1500 की ओपीडी आ गई 700 पर- निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़
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बाड़मेर

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bhawani singh

•

Updated: 21 Dec 2017, 10:30 AM IST

Doctor Strike,serious patients

Doctor Strike:Affections for serious patients

बाड़मेर. चिकित्सकों की हड़ताल के साथ ही अन्य कार्मिकों की लापरवाही के चलते मरीज बेहाल हो रहे हंै। राजकीय अस्पताल में तो अब सामान्य मरीजों को भी रैफर किया जा रहा है। वहीं हड़ताल की जानकारी पर अब मरीज भी कम पहुंच रहे हंै। बुधवार को जिला अस्पताल में ओपीडी 697 पर आ गई है। इधर, निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ नजर आ रही है। अब गंभीर मरीजों की जान पर बन आई है। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल और निजी दोनों से रैफर ही किया जा रहा है।
राजकीय अस्पताल में मरीजों की संख्या बहुत कम हो गई है। गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल रैफर किया जा रहा है। जिला अस्पताल में बुधवार को 24 मरीजों को भर्ती किया गया है। लेकिन हड़ताल के कारण समय पर उपचार नहीं मिल रहा है। हालंाकि पीएमओ खुद मरीजों को देख रहे हैं।

सीजेरियन तो निजी में जाओ
मातृ-शिशु ईकाई में डिलीवरी के लिए महिलाएं आ रही हैं। नर्सिगकर्मी सामान्य प्रसव तो करवा देते हैं लेकिन गंभीर मामलों में प्रसूताओं के ऑपरेशन नहीं हो रहे हंै। एेसे में उन्हें निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।

निजी अस्पतालों में भीड़
हड़ताल के चलते राजकीय अस्पताल में मरीज अब कम पहुंच रहे हैं। उधर निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ी हुई है। मरीजों को यहां उपचार मिल रहा है। लेकिन गंभीर होने की स्थिति में गुजरात व जोधपुर भेजा जा रहा है। हड़ताल पर गए चिकित्सक पुलिस की कड़ी कार्रवाई के मद्देनजर भूमिगत है।

आज से दो घंटे निजी में भी नहीं मिलेगी चिकित्सा सेवाएं
निजी अस्पताल के चिकित्सक भी सेवारत के समर्थन में उतर आए हैं। निजी चिकित्सकों के संगठन पदाधिकारियों ने बुधवार को बैठक में गुरुवार से सुबह 9 से 11 बजे तक निजी अस्पताल में सेवाएं बंद रखने का निर्णय किया। बैठक में डॉ. आर के माहेश्वरी, पंकज अग्रवाल, विकास चौधरी, राहुल बामनिया, किशन कुमावत, आरआर चौधरी, विमल वडेरा, भानु प्रकाश बंसल, हरीश जांगिड़ मौजूद रहे।