
Drinking water crisis: dried GLR, motor burn for ten days
पेयजल संकट : सूख गए जीएलआर, दस दिन से मोटर जली
गिड़ा . क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल संकट के चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खारड़ा सरहद में मीठड़ा बेरा ओपनवेल पर आज भी लोग रस्सों व कूबड़ से पानी सींचने को मजबूर हैं। इसके पास ही बना जीएलआर कई वर्षों से सूखा हैं। ऐसे ही खोखसर पूर्व के करालिया बेरा में लगी मोटर बीते 10 दिन से जली हुई है। इसे अब तक ठीक नहीं करवाया गया है। इस बेरे से करीब आधे खोखसर में पानी की आपूर्ति होती है। ऐसे में इससे जुड़े सभी जीएलआर सूखे पड़े हैं।
पहले अनियमित था, अब वह भी नहीं : गिड़ा क्षेत्र के कुछ जीएलआर में महीने में एक दो बार पानी पहुंचता था, लेकिन मीठे पानी की पाइप लाइन डालने के बाद सारे पुराने कनेक्शन काट दिए। नई पाइप लाइन में बिना बूस्टर कहीं भी पानी नहीं पहुंच रहा। ऐसे में लोगों के सामने पानी की समस्या पहले से ज्यादा हो गई। क्षेत्र के खोखसर, खोखसर पूर्व, खारड़ा, लपून्द्रड़ा, रतेऊ, हीरा की ढाणी के अलावा कई गांवों के लोगों को पुराने जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।
नहीं मिला पानी, बैरंग लौटे ग्रामीण : परेऊ . परेऊ गांव स्थित ओपनवेल पर रविवार को कई ग्रामीण व सेना के जवान पानी के लिए घंटों इंतजार करते रहे। आखिर शाम 5 बजे तक पानी नहीं आया तो उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। गांव में पानी की किल्लत के चलते आमजन में रोष है।
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तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान शुरू
बाड़मेर . उप राष्ट्रीय पल्य पोलियो के तीन दिवसीय अभियान का शुभारम्भ जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते व सीएमएचओ डॉ. कमलेश चैधरी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केन्द्र स्थित पोलियो बूथ पर बच्चों को दवा पिलाकर किया। उन्होंने टीमों को हरी झण्डी दिखाकर निर्धारित पोलियो बूथों के लिए रवाना किया। सीएमएचओ के अनुसार अभियान में प्रथम दिन जिले में 519 बूथों पर पोलियो की दवा पिलाई गई। अभियान की समीक्षा के लिए बूथों के निरीक्षण की जिम्मेदारी आरसीएचओ, डिप्टी सीएमएचओ सहित बीसीएमओ को सौंपी गई है।
Published on:
19 Nov 2018 09:28 pm
