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गिड़ा क्षेत्र में पेयजल संकट : कई जीएलआर सूखे, कई हो गए क्षतिग्रस्त

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Drinking Water Crisis in Guda Sector:Many GLR Dried,Many Died Damaged

Drinking Water Crisis in Guda Sector:Many GLR Dried,Many Died Damaged

गिड़ा क्षेत्र में पेयजल संकट : कई जीएलआर सूखे, कई हो गए क्षतिग्रस्त
चुनाव में दिखाते हैं सपने, रोजाना तो हलक हलकान!
महिलाएं आज भी घड़ों से करतीं हैं पानी की आपूर्ति

गिड़ा . पंचायत समिति गिड़ा की विभिन्न ग्राम पंचायतों में इन दिनों सर्दी के मौसम में भी पेयजल किल्लत बनी हुई है। जलापूर्ति के पुख्ता प्रबंध नहीं होने से आने वाले गर्मी के दिनों में यह समस्या और भी विकट हो सकती हैं। महिलाओं को सिर पर घड़ा लेकर लम्बा सफर तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान नेता वोट बटोरने के लिए लोगों को पानी की व्यवस्था के नाम पर भ्रमित करते हैं। वहीं जीतने के बाद वे इस ओर देखते भी नहीं।
गिड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में कोई ऐसा परम्परागत जल स्रोत नहीं है जहां लोगों को कुछ दिन पानी मिल सके। सरकार ने वर्षों पहले लाखों की लागत से होदियां बनवाई, लेकिन उनमें पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। वर्तमान में ये हौदियां खंडहर में तब्दिल हो चुकी हैं। सरकारी कारिंदों के ध्यान नहीं देने से ये कई जगह जाम हो गई हैं। ऐसे में जीएलआर धूल फांक रहे हैं। ग्रामीणों ने एक-दो बार नहीं बल्कि दर्जनों बार विभागीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। खोखसर मुख्यालय पर उण्डू से कभी-कभी पानी की आपूर्ति होती है, लेकिन आगे तीनों ग्राम पंचायतों में बड़ी आबादी पेयजल से वंचित है।
ग्राम पंचायत खोखसर पश्चिम में महिंगपुरा, बैरडपुर, मुकनगढ, ग्राम पंचायत खोखसर में कंकोलगढ, बागथल, धांधुपुरा, चाबावास, खाजुपुरा तथा ग्राम पंचायत खोखसर पूर्व में सियागों का तला, करालिया बैरा सहित तीनों पंचायतों में 30 से अधिक जीएलआर धूल फांक रहे है।
पेयजल को तरस रहे ग्रामीण, विभाग बेपरवाह : शिव . ग्राम पंचायत बलाई स्थित समर्थसिंह की ढाणी में वर्ष 2008 के दौरान बनी पानी की हौदी लम्बे समय से सूखी पड़ी है। इसको लेकर ग्रामीणों ने मौखिक रूप से कई बार अधिकारियों को अवगत करवाया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इस पर ग्रामीण किरतसिंह ने 20 दिसम्बर 2017 को संपर्क पोर्टल पर परिवाद दर्ज करवाया। लेकिन इसके बाद आज तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई। जनता जल योजना से बनी हौदी तक पानी पहुंचाने के लिए सरकारी ट्यूबवेल जोरानाडा से लाइन बिछाई गई हैं।
यहां भी नहीं आता पानी : नाइयों-दर्जियों कि ढाणी (केसरपुरा), केलणों की ढाणी (बलाई), तुलछनियों कि ढाणी (फतेहनाडा), मोडाणियों मेघवालों कि ढाणी, राजकीय विद्यालय के पास सवाईसिंह की बस्ती, चमाणियों मेघवालों की ढाणी, भीलों की ढाणी, जोरानाडा, पीथोरानगर, उदयराज की ढाणी में लम्बे समय से पानी की किल्लत है।
अब गहराया जल संकट, चुनाव में ही आते हैं नेता
&गांव मेंं जल संकट गहराया है। यहां पानी का कोई वैकल्पिक साधन नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
- प्रहलाद कड़वासरा, ग्रामीण
&चुनाव में तो नेता बड़े-बड़े वादे करते हैंं, लेकिन उसके बाद कोई सामने नहीं आता। ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं।
- केहराराम हुड्डा, पशुपालक
&महंगे दाम पर पानी खरीदना पड़ता हैं। पानी टैंकर वाले मुंह मांगी रकम लेते हैं। इससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा हैं।
- मूलाराम गोदारा, खोखसर पूर्व
&बरसात का पानी तीन-चार माह ही चलता हैं। इस बार तो टांके भी नहीं भरे। ऐसे में क्षेत्र में पानी की समस्या व्याप्त है।
साबुदीन मगंलिया, करालिया बैरा