
Earlier rain gave cheating to the farmers, now the distance made Baron
दोहरी मार के शिकार हुए किसान
पहले बारिश ने कृषकों को दिया धोखा, अब दूरी बनी बैरन
खरीद केन्द्र दूर, औने-पौैने दामों में फसल बेचना मजबूरी,किसानों की हालत खस्ता
पत्रिका न्यू•ा नेटवर्क
समदड़ी . किसानों के किस्मत को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। पहले तो कम बारिश के चलते पैदावार कम हुई और अब जो उपज हुई है उसका भी पूरा मोल नहीं मिल रहा है। एेसे में किसान औने-पौने दामों में फसलें बेचने को मजबूर है।
क्षेत्र में इस वर्ष कमजोर बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। वर्षा के अभाव में पकने के मुहाने पर खड़ी फ सलें जल गई। इससे 70- 80 फीसदी उत्पादन प्रभावित हुआ। बावजूद इसके जो कुछ फसलें बची, उससे अच्छी कमाई की उम्मीद धरतीपुत्र पाले हुए थे, लेकिन उस पर कुठाराघात हो रहा है। कृषि जिन्सों के दाम अर्श से फ र्श पर आने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बाजार में लगातार फसलों की कीमतों में गिरावट होने से किसानों को लागत मूल्य भी वापस नहीं मिल रहा है। इस पर किसान स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं।
अधिक दूरी, महंगा सौदा
राजफैड ने समर्थन मूल्य पर मंूग खरीद के लिए बालोतरा व सिवाना कृषि मण्डी में केन्द्र स्वीकृत किए हैं, जो अधिक उपज वाले किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है । जबकि अधिकतर किसानों के खेतों में कम पैदावार हुई है। गांव से 40 से 50 किलोमीटर दूर जाकर मूंग बेचना उनके लिए मंहगा पड़ रहा है। इस पर ये मजबूरी में स्थानीय स्तर पर औने-पौने दामों में फसल बेचते हैं। कृषि जिन्सों की कीमतों में लगातार गिरावट से किसानों की हालत खस्ताहाल हो रखी है। नि.स.
कस्बे के बाजार में फसलों के भाव
5000-5500 मूंग
3500-4000 मोठ
10 हजार तिल
1500 बाजरा व ज्वार
(रुपए प्रति क्विंटल)
&किसानों के हाथ पैदावार पहुंचने पर फसलों के भावों में गिरावट होनी शुरू होती है। बालोतरा, सिवाना केन्द्र दूर होने पर हर किसान के लिए यहां पहुंच मूंग बेचना संभव नहीं है। सरकार समदड़ी कृषि मण्डी में खरीद केन्द्र खोलें। कानाराम भूरिया, तहसील अघ्यक्ष किसान संघ
Published on:
23 Oct 2018 06:18 pm
