
Enhanced incidents with cold, Patrol jawans absent
धर्मवीर दवे
बालोतरा. चारों ओर फैला उजाला। ठण्ड से ठिठुराए बेसहारा पशु, दुकान के कोने में दुबक सुस्ताते श्वान। मौहल्ले व बाजारों में खड़े दुपहिया, चौपहिया वाहन। दूर-दूर तक नजर फैलाने पर कोई आदमी दिखाई नहीं देता। शहर के इस हाल पर कोई अपराधी वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाए, तो शहर पुलिस की स्थिति सांप गुजरने के बाद लकीर पीटने जैसी ही होगी। राजस्थान पत्रिका संवाददाता ने गुरुवार देर रात शहर के प्रमुख स्थानों की स्थिति देखी तो सुरक्षा के लिए तैनात कोई पुलिस जवान दिखाई तक नहीं दिया। चारों ओर सन्नाटा ही सन्नाटा पसरा हुआ था। जबकि पुलिस पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था का दावा कर रही है।
वस्त्र नगरी बालोतरा, जिले का दूसरा बड़ा शहर है। हर दिन यहां कपड़े के अलावा किराणा, धान, कॉस्मेटिक, इलेक्ट्रोनिक आइटम,सोने-चांदी के जेवरात, मोटर वाहन आदि आदि दैनिक जरूरतों के सामान की खरीद को लेकर करोड़ों करोड़ों रुपयों का कारोबार होता है।
इस पर जन साधारण के अनुसार यहां चोरी, लूट व अन्य अपराध की रोकथाम को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी होने चाहिए। इससे की कोई अप्रिय घटना नहीं हो। इस पर पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा के अच्छे बंदोबस्त को लेकर दावा करती है। सर्दरात्री व इसका सूनापन, चोरियों व अन्य अपराध की वारदातों को अंजाम देने के लिए अपराधियों के लिए अनुकूल होता है। ऐसे में राजस्थान पत्रिका बालोतरा ने गुरुवार रात 1.30 बजे बाद शहर के प्रमुख बाजारों व मार्गों पर पहुंचे तो यहां सुरक्षा व्यवस्था में पोल ही पोल नजर आई। आधा घंटे के भ्रमण दौरान कहीं भी पुलिस के जवान दूर दूर तक खड़े तो क्या बैठे व सुस्ताते दिखाई नहीं दिए।
शहर की सुरक्षा का जिम्मा, जिनके हाथों में हैं, वे नदारद मिले। रेलवे स्टेशन, चिकित्सालय के आस पास स्थित चाय थड़ी चालकों, दवा दुकानदारों व रेलगाड़ी पकडऩे के लिए रेलवे स्टेशन जा रहे यात्रियों से पुलिस जवानों की गश्त लगाने के बारे में पूछताछ की, तब सभी ने दबी जुबान में गश्त नहीं होने की बात कही।
Published on:
29 Dec 2018 07:04 pm
