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Rajasthan News: किसानों को मिलेगी यूनिक ID, आधार नंबर से होगी लिंक; जानें योजना से क्या लाभ मिलेगा

Unique Farmer ID: फार्मर आईडी में किसान का नाम, पिता का नाम, स्वामित्व वाले खेत का खसरा नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर दर्ज होगा।

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Unique Farmer ID in Rajasthan

Unique Farmer ID in Rajasthan: किसानों को अब 11 अंकों की यूनिक फार्मर आईडी मिलेगी। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर 5 फरवरी से 31 मार्च तक फार्मर रजिस्ट्री शिविरों का आयोजन होगा। इसके लिए समुचित तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं।

बाड़मेर जिला कलक्टर टीना डाबी ने बताया कि केन्द्र सरकार की एग्रीस्टेक योजना के तहत प्रत्येक किसान को 11 अंकों का एक यूनिक फार्मर आईडी नंबर मिलेगा। किसानों के आधार नंबर से लिंक किया जाएगा। इस यूनिक आईडी नंबर के आधार पर किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि इसके लिए समस्त ग्राम पंचायतों में 5 फरवरी से फार्मर रजिस्ट्री शिविर लगाए जाए। केन्द्र सरकार की ओर से पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं किसानों को जन कल्याणकारी योजनाओं से लाभांवित करवाने के लिए एग्रीस्टेक डिजिटल कल्चर इनिशिएटिव के तहत एग्रीस्टेक डिजिटल एग्रीकल्चर परियोजना शुरू की गई है।

डिजिटल मैप होगा तैयार

इसके तहत सभी राजस्व गांवों का डिजिटल मैप तैयार कराया गया है। मोबाइल एप के माध्यम से जीआईएस आधारित रियल टाइम क्रॉप सर्वे कराया जा रहा है और अब इसके तहत प्रत्येक किसान का रजिस्ट्रेशन होगा। इस रजिस्ट्रेशन के बाद किसान को 11 अंकों का यूनिक नंबर दिया जाएगा। यह किसान की एक अलग पहचान होगी।

जिला कलक्टर टीना डाबी ने बताया कि इस फार्मर आईडी से किसान के समस्त कृषि भूखंड और हिस्से जुड़े रहेंगे। इसे किसान के आधार से लिंक किया जाएगा। इसमें इस तरह की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी कि अगर कोई किसान जमीन की खरीद एवं बेचान करता है, तो रिकॉर्ड अपने आप ही अपडेट हो जाए। इससे राज्य सरकार को किसानों, उनकी कृषि भूमि, फसल अपादन और संबंधित गतिविधियों पर रीयल-टाइम डेटा उपलब्ध होगा और सरकार बेहतर नीतियां बना सकेंगी।

किसानों को यह मिलेगा फायदा

पीएम किसान समान निधि की किश्त के साथ फसल बीमा का लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी। खराबे की स्थिति में किसानों का चिन्हीकरण करना आसान होगा। इसके अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए किसानों का स्वत: रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। किसानों को कल्याण की अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए बार-बार सत्यापन या रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ेगा।

यह विवरण दर्ज होगा फार्मर आईडी में

फार्मर आईडी में किसान का नाम, पिता का नाम, स्वामित्व वाले खेत का खसरा नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर दर्ज होगा। शिविरों में किसानों की जानकारी का व्यापक डेटाबेस तैयार करते हुए प्रत्येक किसान को विशिष्ट फार्मर आईडी प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सुगमता एवं पारदर्शिता आएगी।

पांच फरवरी से लगेंगे शिविर

नोडल अधिकारी एवं बाड़मेर उपखंड अधिकारी वीरमाराम ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए ग्राम पंचायतों में 5 फरवरी से 31 मार्च तक शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में दस्तावेज के आधार पर किसानों को मौके पर 11 अंक की यूनिक आईडी जारी की जाएगी। इसके अलावा पंचायतराज विभाग की विभिन्न योजनाओं का रजिस्ट्रेशन एवं फायदा इन शिविरों में मिलेगा। शिविरों में कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

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