
Father's Day 2024: शिव के विधायक रविन्द्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) भले ही यूथ आइकॉन और निर्दलीय चुनाव लड़ने को लेकर देशभर में चर्चा मेें हों, लेकिन उनके शिक्षक पिता शैतानसिंह अपने इलाके में इस बात को लेकर चर्चा में हैं कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा बेटे के विधायक बनने से। वे पहले भी टाइम पर स्कूल जाते थे, आज भी। अपनी स्कूटी पर स्कूल जाने पर ही उनको शांति मिलती है।
शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी के पिता शैतानसिंह दूधोड़ा गांव में रहते हैं। यह गांव दुरूह इलाके में है। ये रेगिस्तान में दूरियों में बसे छोटे-छोटे गांवों जैसा है। पास में ही तिबणियार गांव की स्कूल में शैतानसिंह शारीरिक शिक्षक हैं। शैतानसिंह ने बेटे को जोधपुर में लॉ की पढ़ाई को भेजा था। वहां उसने छात्र राजनीति में कदम रखा। पिता ने चुनाव लड़ने के लिए पहली बार जरूर मदद की थी। इसके बाद जब एमएलए का चुनाव आया तो शैतानसिंह ने राजनीति की बजाय अपनी सरकारी सेवा को प्राथमिकता दी। वे चुनावों के समय भी स्कूल आने-जाने में लगे रहे। बेटा एमएलए के बाद सांसद का चुनाव लड़ा। इस दौर में भी वे अपनी स्कूल के रूटीन में ही रहे।
मैं तो इसको डॉक्टर बनाना चाहता था। बॉयलोजी का स्टूडेंट रहा है। अब राजनीति में है। यह काम सेवा का है, उसको कर रहा है। मैं मेरे स्कूल आता-जाता हूं। सरकारी सेवा में हूं।
Published on:
16 Jun 2024 12:36 pm
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