5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पहले दिया था 45 रुपए में, अब दिया 3.75 रुपए में पोषाहर परिवहन का टेंडर।

-पोषाहार कालाबाजारी के षड़यंत्र में मिलीभगत की आशंकापड़ताल :- सहकारी समिति की कमेटी ने न्यूतनम रेट से दिया टेंडर
2 min read
Google source verification
first was 45 rupees, now 3.75 tender poshahar transport

first was 45 rupees, now 3.75 tender poshahar transport

बाड़मेर. सरकारी विद्यालयों में पोषाहार के गेहूं की कालाबाजारी के बीज तो पहले ही बो दिए गए थे जब परिवहन के लिए टेंडर हुआ। प्रति क्विंटल परिवहन के लिए मात्र 3.35 रुपए में सप्लायर ने ठेका ले लिया जबकि इससे पहले जो ठेका था, उसमें 45 रुपए प्रति क्विंटल मिलते थे।

धोरीमन्ना क्षेत्र में पोषाहार के गेहूं की कालाबाजारी में सहकारिता विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। कॉपरेटिव सोसायटी ने पोषाहर परिवहन का टेंडर न्यूनतम दर में जारी किया और सप्लायर ने सबकुछ जानते हुए भी कम दर में ठेका ले लिया।

ऐसे में जाहिर है कि जिम्मेदार कमेटी की अंधेरगर्दी के चलते बच्चों का पोषाहर कालाबाजारी के तहत बाजार में बिकता रहा। कथित रूप से गबन घोटाले में जिम्मेदार अधिकारी मिलीभगत के तहत मलाई खाते रहे। अब मामला प्रकाश में आने पर अधिकारी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रहे हैं।

पहले था 45 रुपए, अब दिया 3.35 रुपए

पत्रिका पड़ताल में सामने आया है कि मिड-डे-मील के तहत खाद्यान्न परिवहन के लिए इससे पहले सप्लायर को 45 रुपए प्रति क्विंटल दर से ठेका दिया गया था। जबकि इस बार कॉपरेटिव सोसायटी की ओर से निविदा के लिए गठित कमेटी ने अनभिज्ञ बनकर धोरीमन्ना क्षेत्र में खाद्यान परिवहन का टेंडर 3.35 रुपए में जारी कर दिया।

जबकि यह विदित है कि इस दर में सप्लायर कैसे पोषाहार का परिवहन करेगा? इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया या जानबूझकर ऐसा किया, यह पुलिस जांच का विषय है। परिवहनकर्ता के पास गुड़ामालानी, धोरीमन्ना व धनाऊ क्षेत्र में पोषाहार की सप्लाई का ठेका है।

ठेके में 3.35 रुपए प्रति क्विंटल दर तो धोरीमन्ना क्षेत्र की है, वहीं गुड़ामालानी व धनाऊ की परिवहन दर भी न्यूनतम में इसी ठेकेदार ने ले रखी है।

परिवहन में करीब 40 रुपए तक खर्च

जानकार बताते हैं कि गेहूं व चावल का परिवहन ट्रक के जरिए धोरीमन्ना क्षेत्र में होता है तो डीजल व अन्य के साथ प्रति क्विंटल करीब 40 रुपए का खर्च हो जाता है। ऐसे में मात्र 3.35 रुपए में टेंडर लेने वाला घाटे का काम कैसे करेगा। इसके बावजूद कॉपरेटिव सोसायटी की कमेटी की ओर से दो माह पहले न्यूनतम रेट में टेंडर दे दिया गया।

- कम रेट से जारी हुआ था टेंडर

पोषाहर के लिए खाद्यान्न परिवहन का टेंडर खुली निविदा के तहत हुआ था। यह कॉपरेटिव की कमेटी ने किया है। हां, टेंडर कम रेट से जारी हुआ है।
- ईश्वर जाखड़, मुख्य व्यवस्थापक, कॉपरेटिव सोसायटी, बाड़मेर