
Fodder expensive, no animal camp open, how to save livestock?
चारा महंगा, पशु शिविर खुले नहीं, कैसे बचाएं पशुधन?
- चारा डिपो पर मिल रहा चारा बाजार भाव के समान
- चारे-पानी के अभाव में भटक रहे मवेशी
मायलावास.
क्षेत्र में पड़े अकाल व महंगे चारा से पशुओं की हालत खस्ता है। गांवों में सरकारी स्तर पर अनुदान आधारित चारा उपलब्ध नहीं करवाने व बाजार में महंगे भाव बिकते चारा पर पशुपालक पशुओं को रामभरोसे छोड़ रहे हैं। इससे भूख व प्यास से कमजोर हुए पशु दम तोड़ रहे हंै।
परेशान ग्रामीण, पशुपालक कई माह से सस्ती दर पर चारा उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इन्हें निराशा ही हाथ लगी है। लंबे इंतजार के बाद सरकार ने कुछ स्थानों पर चारा डिपो खोले, लेकिन इनके व बाजार में उपलब्ध हो रहे चारा के भावों में कोई अंतर नहीं है। बाजार में 12 से 13 रुपए किलो बिकते महंगे चारा खरीदने में पशुपालक परेशान है। एक माह में प्रतिकिलो दो रुपए हुई बढ़ोतरी से इनकी दिक्कतें ओर बढ़ रही है।
पशु तोड़ रहे दम- ग्रामीण, पशुपालक भगवान भरोसे पशुओं को खुला छोड़ रहे हैं। भूख व प्यास से कमजोर हुए पशु दम तोड़ रहे हैं। मायलावास में दो दर्जन से अधिक पशु दम तोड़ चुके हैं। यहां चारे के अभाव में अीाी भी बेसहारा पशुधन भटकता नजर आ रहा है।
पेयजल का भी नहीं प्रबंध- मायलावास चौराहा, मेला मैदान आदि हौदियों में पानी पहुंचे कई कई माह बीत चुके हैं। चारे की कमी के साथ पानी की किल्लत ने पशुपालकों को दोहरी चिंता में डाल दिया है।
चारे-पानी का प्रबंध उनके लिए मुश्किल हो रहा है। एेसे में पशुधन को बचाने की चिंता सता रही है।
पशुशिविर ही विकल्प- प्रशासन ने राहत के नाम पर चारा डिपो स्वीकृत किए हैं, जहां से पशुपालक चारा खरीद सकते हैं। अकाल के चलते पशुपालकों के पास इतने रुपए नहीं है कि वे चारा खरीद पशुओं को बचा सकें। एेसे में पशुशिविर ही विकल्प है, जहां नि:शुल्क चारा मिल सकता है। इसमें भी इस बार नियम आड़े आ रहे हैं। पहले हर वर्ग के किसानों का पशुधन शिविर में लभान्वित होता था, लेकिन इस बार लघु व सीमांत किसानों को ही इसका फायदा मिलेगा। क्षेत्र में इस श्रेणी किसान काफी कम तादाद है और जो पशुपालक है उनके पास जमीन ज्यादा है। एेसे में पशुशिविर का उनको फायदा नहीं मिल पाएगा।
चारे के भाव अधिक, मोल खरीदना बूते से बाहर - चारा के भाव बहुत अधिक है। मोल खरीदना बूते से बाहर हो गया है। इस पर बहुत से जने पशुओं को खुला छोड़ रहे हैं। सरकार चारा डिपा पर सस्ती कीमत पर चारा उपलब्ध करवाएं। वहीं पशुशिविर खोल नि:शुल्क चारा डलवाएं, जिससे की बेआसरा पशुधन को बचाया जा सके। - चम्पालाल राजपुरोहित, मायलावास
Updated on:
23 Apr 2019 05:34 pm
Published on:
23 Apr 2019 05:34 pm
