
Funeral done after 34th day after death
बाड़मेर. बाड़मेर से दो जून की रोटी कमाने गए पश्चिम बंगाल गए में दर्जी समाज के प्रेमकुमार की पार्थिव देह 'मिशन प्रेम' के जरिए छिड़ी मुहिम के तहत शनिवार रात बाड़मेर पहुंचा। दूसरे दिन रविवार को गमगीन माहौल में समाज के लोगो की मौजूदगी में उसका अंमित संस्कार हुआ। उल्लेखनीय है कि शहर के सरदारपुरा निवासी 38 वर्षीय प्रेमकुमार पुत्र मांगीलाल की पश्चिम बंगाल में 27 नवंबर को मौत हो गई थी।
परिजन को इसकी सूचना मिली, लेकिन उनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं थी, ऐसे में उन्होंने सरकार से मदद मांगी, लेकिन नहीं मिलने की स्थिति में शव का अंतिम संस्कार करवाने की सहमति दी। लेकिन समाज के युवाओं ने एक मुहिम छेड़ कर शव को बाड़मेर पहुंचाया। मृतक के पिता मांगीलाल ने जब अपने जिगर के टुकड़े केअंतिम दर्शन किए तो उनके मुंह से अनायास ही निकल पड़ा कि ऐसे समाज पर मुझे गर्व है, जिसने मेरे लाल की माटी को मेरे द्वार तक पहुंचाने का उपकार किया।
उन्होने कहा कि समाज के युवा डिप्टी कमाडेंट मदनलाल गोयल के लिए मेरे पास कोई शब्द नहीं हैं जिनसे उनका आभार प्रकट कर सकूं। उन्होने बताया कि अधिक दूरी होने से इसमें होने वाला व्यय उनके बूते से बाहर होने से उन्होने मजबूरन प्रशासन को पश्चिमी बंगाल में ही हिंदु रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करने की सहमति जताई थी। लेकिन समाज के लोगों की ओर से की गई मदद ने जहां उसके दु:ख को काफ ी हल्का कर दिया, वहीं उसे पीपा क्षत्रिय दर्जी समाज में जन्म लेने पर बारंबार फ ख्र की अनुभूति कराई।
Published on:
30 Dec 2018 09:35 pm
