
बरसी कार्यक्रम में गेर की धूम, भजनों की बही सरिता
समदड़़ी. कस्बे के लूनी नदी स्थित बगेची में गोविन्दराम महाराज की 12वीं बरसी श्रद्धा के साथ मनाई गई। इसमें समदड़ी, बालोतरा, सिवाना सहित क्षेत्र भर से श्रद्धालु उमड़े। इन्होंने गोविन्दराम महाराज के समाधि स्थल की पूजा-अर्चना की। प्रसाद चढ़ा परिवार में खुशहाली की कामना की। दिनभर मंदिर में मेला जैसा महौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने बगेची गादीपति नरसिंगदास से आर्शीवाद प्राप्त किया। महिलाओं ने भजनों की प्रस्तुतियां दी। बालोतरा के गेर दल, माली समाज समदड़ी के बाल नृतकों ने गेर नृत्य की प्रस्तुति दी। गेर दलों को पुरस्कृत किया गया। पूर्व रात्रि में आयोजित जागरण में श्याम पालीवाल, शिवपुरी, अशोक प्रजापत, हर्ष माली, राजु सुथार, राजेन्द्र पंवार, छगन माली, भंवर गायणा, ओम सुथार, जबराराम माली, नरेश माली, रामू माली, नरपत देवासी आदि कलाकार भजनों की प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर झूंपा मठ महंत मृत्युजंयपुरी, पंचवटी आश्रम स्वामी कृष्णानन्दपुरी, राघवदास बालोतरा, लड्डूगिरी आदि संतगण मौजूद थे। निसं.
जननी व जन्मभूमि स्वर्ग के समान, यहां आकर मन प्रसन्न
- जैन मुनि का नगर प्रवेश
सिवाना. कस्बे में बुधवार को जैन मुनि नवीनप्रज्ञ दीक्षा ग्रहण के 22 वर्ष बाद गृह नगर पहुंचे।
मुनि नवीनप्रज्ञ के सुबह कस्बे में प्रवेश करने पर स्वागत में कस्बेवासी उमड़ पड़े। मुख्य मार्गों से होते हुए वे जैन स्थानक भवन पहुंचे। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। धर्म सभा में सिद्धार्थ बालिका मण्डल ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी। वासुपूज्य बालिका मण्डल ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अरिहंत बालिका मण्डल ने गुरुगान में गीतिका की प्रस्तुति दी। जयंतीलाल गोलेच्छा ने मुनिवर का परिचय दिया। मुनि नवीनप्रज्ञ ने कहा कि जीवन में सुख की प्राप्ति पुण्य से होती है। शांति धर्म से मिलती है। धर्म के अभाव में व्यक्ति अशांत होता है। जीवन व्यर्थ चला जाता है। इसी भूमि में शिक्षा, संस्कार प्राप्त किए। वैराग्य का अंकुर भी इसी भूमि से प्रस्फुरित हुआ। जननी एंव जन्म भूमि स्वर्ग से भी महान होती है। उसी भूमि पर आने से मन मे अति प्रसन्नता होती है। जागृतमुनि ने कहा कि शांति चाहिए तो अहंकार, इच्छाओं को कम करें। पुष्पेंद्र बडाला उदयपुर, पारसमल नागोरी कानोड़, बीकानेर की महिला मंडल, रेखा बडाला , सुषमा ने भजन प्रस्तुत किए। इस अवसर व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष झनकारमल चौपड़ा, जयंतीलाल गोलेच्छा, हर्षित गोलेच्छा, भरत कानूनगो, नरेंद्रकुमार संकलेचा, वीरमचन्द बोकडिय़ा उपस्थित थे। निप्र.
Updated on:
03 Apr 2019 08:47 pm
Published on:
03 Apr 2019 08:47 pm
