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Government of Rajasthan: Education Department Rajasthan:वर्क बुक से होगी पढ़ाई, ​शिक्षक करेंगे मॉनिटरिंग

Government of Rajasthan: Education Department Rajasthan:कक्षा 3 से 8 तक प्रत्येक कक्षा में हिंदी, गणित व अंग्रेजी की होगी वर्क बुक

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Government of Rajasthan: Education Department Rajasthan: बाड़मेर. कोरोना महामारी के संक्रमण काल में सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लर्निंग लॉस शिक्षण कार्य अवरूद्ध को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से शुरू किया गया राजस्थान में शिक्षा के बढ़ते कदम कार्यक्रम इस साल भी चलाया जाएगा। कोरोनाकाल में स्कूलों में अवकाश घोषित होने के कारण विद्यार्थियों का अध्ययन प्रभावित हुआ था। इसे पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग ने लर्निंग लॉस को ब्रिज करने के लिए राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम कार्यक्रम शुरू किया था। इसका विद्यार्थियों को फायदा मिला था।

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प्रथम तीन कालांश में होगा वर्क बुक अभ्यास व शिक्षण

शिक्षा सत्र 2023-24 के लिए आरएससीइआरटी ने नई वर्क बुक तैयार की है। इसका वितरण विद्यालयों में अगस्त-सितम्बर तक किया जाएगा। विद्यालयों में कार्य पुस्तिकाओं के उपलब्ध होने तक विद्यार्थियों का अभ्यास कार्य जारी रह सके, इसके लिए कक्षा 3 से 8 तक की हिंदी, गणित एवं अंग्रेजी विषयों के कार्यपत्रकों को शाला दर्पण वॉट्सऐप, आरकेएसएमबीके ऐप पर संस्था प्रधान आवश्यक रूप से डाउनलोड व प्रिंट करवाकर शिक्षकों को उपलब्ध कराएंगे। प्रथम चरण में कक्षा के सभी विद्यार्थियों को दक्षता आधारित कलस्टर वर्कबुक्स की सहायता से बिहाइन्ड ग्रेड दक्षता आधारित शिक्षण करवाया जाएगा। अक्टूबर तक प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शुक्रवार प्रति दिवस कुल 8 कालांश में से प्रथम 3 कालांश में वर्कबुक आधारित शिक्षण अर्थात रेमेडियल शिक्षण के लिए निर्धारित रहेंगे। जबकि, शेष 5 कालांश में कक्षा स्तर का अध्ययन कराया जाएगा।

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नवम्बर में द्वितीय चरण

द्वितीय चरण नवंबर 2023 से अप्रेल 2024 तक होगा। इसमें प्रत्येक सप्ताह सोमवार से शुक्रवार प्रति दिवस कालांश रेमेडियल शिक्षण के लिए निर्धारित रहेंगे तथा समूह अध्ययन निरन्तर रहेगा।

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गत कक्षा स्तर के आधार पर बनेंगे समूह

इसके अलावा विद्यार्थियों की गत कक्षा स्तर की दक्षताओं का आकलन होगा। शिक्षकों की ओर से 60 प्रतिशत से अधिक प्रश्नों को सही करने वाले विद्यार्थियों को समूह वन में और 60 प्रतिशत से कम प्रश्नों को सही करने वाले विद्यार्थियों को समूह 2 में वर्गीकृत किया जाएगा। समूहीकरण में संस्था प्रधान सुनिश्चित करेंगे कि विद्यार्थी में हीन भावना नहीं आए।