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अरे? यहां तो आठवीं के बाद पढ़ नहीं पा रही बेटियां, क्यूं पढि़ए पूरा समाचार

आजादी के बाद से आठवीं से आगे नहीं पढ़ पा रही बेटियां - विद्यालय क्रमोन्नत नहीं होने का दंश भुगत रही चार गांवों की बालिकाएं - उच्च शिक्षा की कमी से नहीं बन पाया गांव का कोई व्यक्ति सरकारी कार्मिक  
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अरे? यहां तो आठवीं के बाद पढ़ नहीं पा रही बेटियां, क्यूं पढि़ए पूरा समाचार

अरे? यहां तो आठवीं के बाद पढ़ नहीं पा रही बेटियां, क्यूं पढि़ए पूरा समाचार

पुरुषोत्तम रामावत
सिवाना बाड़मेर . पांच हजार की आबादी वाले राजस्व गांव देवड़ा सहित आसपास के चार गांवों व आधा दर्जन ढाणियों की बेटियां आजादी के बाद से आठवीं से आगे नहीं पढ़ पा रही हैं। देवड़ा में पांच दशकों से उच्च प्राथमिक विद्यालय ही है। इस विद्यालय में वर्तमान में 258 का नामांकन है। जिसमे 148 छात्राएं व 110 छात्र हैं। आधी से ज्यादा संख्या बेटियों की है।

ग्रामीणों ने विद्यालय को माध्यमिक में क्रमोन्नत करवाने की मांग जनप्रतिनिधियों व शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से की, लेकिन सिवाय आश्वासन के हाथ कुछ भी नहीं लगा।

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दस किमी के चलते पढ़ाई से ही तोड़ रहे नाता

देवड़ा गांव से दस किमी दूर गांवो में उच्च माध्यमिक विद्यालय होने के कारण ज्यादातर छात्र-छात्राएं आगे की पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं। देवड़ा सहित एक किमी दूर राजस्व गांव नया देवड़ा, तीन किमी दूर भीलों की ढाणी,मांगला में प्राथमिक विद्यालय ही हैं। तीन किमी दूर दुर्गापुरा में उप्रावि है। यदि देवड़ा में उच्च माध्यमिक विद्यालय खुल जाता है तो चारों गांवों के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले लगभग 600 विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहना पड़ेगा।

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गांव में गिनती के 12वीं पास, एक भी सरकारी कार्मिक नहीं

देवड़ा सहित नजदीकी नया देवड़ा गांव में बारहवीं पास गिनती के शिक्षित लोग हैं। जबकि महिला एक भी नही है। अब तक इन गांवों का कोई व्यक्ति या महिला सरकारी सेवा में नहीं है। निप्र.

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विद्यालय क्रमोन्नत नहीं होने से पिछड़ रहा

आजादी के बाद से पांच हजार की आबादी वाले देवड़ा गांव में बारहवीं तक विद्यालय क्रमोन्नत नहीं होने के कारण गांव की भावी पीढ़ी दशकों से पिछड़ती जा रही है। दसवीं व बारहवीं के शिक्षित गांव में गिनती के ही हैं। गांव की बेटियों को तो आठवीं तक की शिक्षा नसीब हो रही है। गांव में पिछड़े व गरीब वर्ग के लोग दूरस्थ जगहों पर नही पढ़ा पाते हैं। - रामूदेवी मेघवाल, ग्रामीण देवड़ा

पांच दशक से मांग, नहीं दे रहे ध्यान

50 साल से लगातार राउप्रावि देवड़ा को माध्यमिक या उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत करवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनता ही नहीं है। उच्च शिक्षा की कमी से गांव का कोई व्यक्ति आज तक सरकारी कार्मिक भी नहीं बन पाया है। - केसाराम डांगी, देवड़ा

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