5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Barmer News: बाड़मेर में हिस्ट्रीशीटर तस्कर को तगड़ा झटका, आलीशान बंगला-लग्जरी कार सहित 2 करोड़ की संपत्ति फ्रीज

बाड़मेर पुलिस ने बताया कि विरधाराम ने अपने गांव में एक आलीशान मकान बनाया है। पत्नी के नाम से वीआर सियोल कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाकर अवैध रूप से अर्जित संपत्ति से लग्जरी बसें व कारें खरीद कर काले धन को सफेद करने का प्रयास किया है।

2 min read
Google source verification
barmer crime news

पत्रिका फोटो

Barmer Crime News: मादक पदार्थ तस्करी रोकने व तस्करों पर नकेल के लिए बाड़मेर पुलिस ने वांटेड हिस्ट्रीशीटर की दो करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति फ्रीज की। बंगला, गाड़ी और अन्य संपत्ति को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत फ्रीज किया गया। बाड़मेर में यह पहली कार्रवाई है।

एसपी नरेंद्रसिंह मीना ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र के गालाबेरी निवासी विरधाराम पुत्र भैराराम पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया था। सम्पूर्ण दस्तावेजों का विश्लेष्रण कर हार्डकोर अपराधी विरधाराम की करीब दो करोड़ रुपए की संपत्ति को फ्रीज किया गया है।

बाड़मेर पुलिस ने गालाबेरी में आलीशान बंगला, लग्जरी कार, वीआर सियोल कंस्ट्रक्शन कंपनी की तीन स्लीपर बसों को फ्रीज किया। बंगले के आगे पुलिस का बोर्ड लगाया गया है। एसपी ने बताया कि तस्करों के खिलाफ यह कार्रवाई अब लगातार जारी रहेगी। पुलिस ऐसे तस्करों का रिकॉर्ड तैयार कर रही है।

हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ 10 मुकदमे

हिस्ट्रीशीटर विरधाराम लंबे समय से मादक पदार्थो की तस्करी में लिप्त है। आरोपी के खिलाफ तस्करी का पहला प्रकरण 2012 में दर्ज हुआ था। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट व मारपीट के 3-3, आर्म्स एक्ट के 2 समेत करीब 10 मामले दर्ज हैं, जो न्यायालय में विचाराधीन हैं। आरोपी छह साल से फरारी काटने के बाद अगस्त 2023 में पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। उसके खिलाफ बाड़मेर के अलावा चितौडगढ़, नीमच समेत अन्य थानों में डोडा पोस्त तस्करी के मामले दर्ज है। वर्तमान में आरोपी जमानत पर बाहर है।

यह लगा बोर्ड

पुलिस ने विरधाराम के मकान के आगे बोर्ड लगाया गया है। जिस पर लिखा है कि यह संपत्ति आवासीय भवन गांव गालाबेरी शिवकर तहसील बाड़मेर जिला बाड़मेर जो कि विरधाराम पुत्र भैराराम की है, को धारा 68एफ(2) ऑफ एनडीपीएस एक्ट 5 के प्रावधानों के तहत थानाधिकारी पुलिस थाना सदर बाड़मेर राजस्थान की ओर से फ्रीजिंग किया गया है। ऐसे में इस संपत्ति को बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बेचना, खरीदना, गिरवी रखना, हस्तांतरित करना विधि विरुद्ध है।

काले धन को सफेद करने के लिए पत्नी के नाम बनाई कंपनी

पुलिस ने बताया कि विरधाराम ने अपने गांव में एक आलीशान मकान बनाया है। अपनी पत्नी के नाम से वीआर सियोल कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाकर अवैध रूप से अर्जित संपत्ति से लग्जरी बसें व कारें खरीद कर काले धन को सफेद करने का प्रयास किया है।

टीम ने विरधाराम की समस्त संपत्तियों का विवरण और दस्तावेज एकत्रित किए। इस्तगासा तैयार कर नई दिल्ली स्थित सक्षम अधिकारी एवं प्रशासन एनडीपीएस एक्ट को भेजा। संपूर्ण दस्तावेजों का विश्लेषण करने पर हार्डकोर विरधाराम की करीब 2 करोड़ रुपए की संपत्ति को अवैध रूप से अर्जित होना पाया गया।

यह वीडियो भी देखें

यह रहे कार्रवाई में शामिल

एसपी नरेंद्रसिंह मीना ने बताया कि पुलिस कार्रवाई में सदर थानाधिकारी सत्यप्रकाश विश्रोई, गडरारोड थानाधिकारी हनुमानराम, एएसआइ ललित खत्री, एएसआइ जुंझारसिंह, हैड कांस्टेबल खेताराम, कांस्टेबल सुरेशकुमार, भरतकुमार शामिल रहे।

यह भी पढ़ें- स्पा सेंटर में चल रहा था ‘गंदा’ काम, पुलिस ने मारा छापा तो मच गया हड़कंप; 3 राज्यों की 5 लड़कियां पकड़ी