4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सृष्टि की रचना से ही संसार में गाय की सेवा का महत्व

शहर में गोहितार्थ भागवत कथा का आयोजन
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बाड़मेर

•

image

Dileep Kumar Dave

•

Updated: 4 Jun 2018, 10:00 PM IST

सृष्टि की रचना से ही संसार में गाय की सेवा का महत्व

सृष्टि की रचना से ही संसार में गाय की सेवा का महत्व

-

बालोतरा.
संसार में गोसेवा से बढ़कर कोई सेवा श्रेष्ठ नहीं है। गो सेवा करने के लिए देवता भी तरसते हैं, इसलिए वे धरती पर अवतार के रूप में जन्म लेते हैं। कथा वाचक ममतादेवी ने सोमवार को नगर के अन्नपूर्णा गोशाला में गोहितार्थ अन्नपूर्णा गोसेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भगवत कथा का वाचन करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा कि सृष्टि की रचना से ही संसार में गाय की सेवा का महत्व रहा है। जिस घर में गाय की सेवा होती है, वहां हमेशा सुख समृद्धि निवास करती है। कभी कष्ट नहीं आते हैं। गाय की सेवा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया था। बाल्यकाल से किशोर अवस्था तक उन्होंने गायों की सेवा की। कलियुग में लोग भारतीय संस्कृति को भूल कर गाय का तिरस्कार कर रहे हैं, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि गाय, गुरु , माता-पिता तीर्थ के समान होते हैं, इनकी सेवा करें। कथा दौरान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए नृत्य किया। खुशी मनाते हुए बधाइयां देते हुए मिठाइयां बांटी। गायक राजेश पंवार ने भजनों की प्रस्तुति दी।कथा में उपस्थित राज्य सभा सांसद मदनलाल सैनी ने गोसेवा करने का संकल्प लिया। गणपत पंवार, मंशाराम पंवार, मोहनलाल कच्छावा, भंवरलाल पंवार का सम्मान किया।

इधर, प्याऊ बना कर दिया प्राण मात्री की सेवा का संदेश

कल्याणपुर पत्रिका. घड़ोई चारणान में सोमवार को जिला प्रभारी सचिव श्रेया गुहा ने सार्वजनिक प्याऊ का शिलान्यास किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि दान करना पूनित कार्य है। दानदाता सुखदेव रूगनाथराम की कलक्टर शिवप्रसाद मदान नकाते ने सराहना करते हुए दूसरों को भी उनसे प्रेरणा लेने को कहा। उपखण्ड अधिकारी भागीरथराम चौधरी ने कहा कि जनसहभागिता से ही क्षेत्र का विकास संभव है। ज्यादा से ज्यादा दानदाता आगे आकर गांव के विकास में सहयोग प्रदान करें। प्रधान हरिसिंह उमरलाई, सरपंच नरपतराम भील, उप सरपंच गजेन्द्रसिंह, जीएसएस व्यवस्थापक उत्तमसिंह राजपुरोहित, करनाराम बागलोप मौजूद थे।