
In spite of fresh water, drinking water with fluoride water
ग्रामीण परेशान : बालोतरा तक पहुंचा मीठा पानी, गांव अभी भी प्यासे, परम्परागत जल स्रोत सूखे, सरकारी इंतजाम नाकाफी
घरों के सामने से निकल रही मीठे पानी की पाइप लाइन, गांव वाले पी रहे फ्लोराइडयुक्त पानी!
पंचायत समिति गिड़ा में हालात खराब, पेयजल किल्लत
बाड़मेर/ गिड़ा . कहने को तो हिमालय का नीर बालोतरा और बायतु क्षेत्र में लोगों का हलक तर कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। बालोतरा शहर तक पानी की आपूर्ति हो रही है जबकि सैकड़ों गांव अभी भी प्यासे हैं। कहीं पेयजल लाइन लीकेज के चलते पानी की आपूर्ति ठप है तो कहीं प्रेशर की कमी के चलते पेयजल नहीं पहुंच रहा। एेसे में पहले से ही अकाल की मार सह रहे गांवों में पेयजल संकट की स्थिति है। परम्परागत जलस्रोत सूख जाने से पेयजल का विकल्प भी गांवों में नहीं बचा है।
पोकरण, फलसूंड व बालोतरा लिफ्ट पेयजल योजना पूरी होने से इससे जुड़े गांवों में पेयजल संकट खत्म होने की उम्मीद जगी, लेकिन अभी भी यहां हालात नहीं बदले हैं। बालोतरा में नियमित जलापूर्ति हो रही है पर गांवों के पंप हाउस पानी पहुंच ही नहीं रहा। गिड़ा क्षेत्र से होते हुए मीठे पानी की मुख्य लाइन गुजर रही है, लेकिन यहां के बाशिंदों को फ्लोराइड युक्त पानी भी महंगे दामों से खरीद पीना पड़ रहा है।
आनन-फानन में जलापूर्ति
विधानसभा चुनाव से पहले बालोतरा तक पानी पहुंचाने की जल्दबाजी में कई गांवों में लाइन की टेस्टिंग किए बिना आनन-फानन में जलापूर्ति आरम्भ कर दी। अब जलापूर्ति पर जगह-जगह पेयजल लीकेज की समस्या आ रही है, जिस पर आपूर्ति सुचारू करने में दिक्कत आ रही है।
यहां नाडियां खाली
रतेऊ में मासली नाड़ी, सोहड़ा की चिलानाड़ी, हीरा की ढाणी की केरली नाडी सहित कई गांवों में तालाब, नाडियां सूख गई हंै। सार्वजनिक टांकें, कुएं भी जवाब दे रहे हैं।
फोटो : गिड़ा क्षेत्र के रतेऊ गांव की मासली नाड़ी में सूखी बेरियां।
इन गांवों में गंभीर संकट, पानी का इंतजार
गिड़ा तहसील के लापुंदड़ा, कुंपलिया, सिमरखिया, खारड़ा भारतसिंह, खोखसर पूर्व, नोसर, खारड़ा मानपुरा, हीरा की ढाणी, रिछोली, सियागों का तला, खारड़ा चारणान, थाकणों की ढाणी, श्यामपुरा, शिवपुरा, मालदेता, सिसोदिया पाना, जाखड़ा, खोखसर पश्चिम, खोखसर दक्षिण आदि गांवों के हजारों परिवार पेयजल आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं। वहीं रतेऊ, सवाऊ, कानोड़, शहर सहित कई पंचायतों में एक बार आपूर्ति हुई, जिसके बाद इंतजार ही है।
Published on:
04 Feb 2019 03:18 pm
