
रतन दवे
बाड़मेर। पाकिस्तान की सीमा से लगते राजस्थान के बॉर्डर के इलाकों में साइबर ठग सीमा पार से अपना जाल बिछाने की नापाक हरकतें करने लगे है। पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव्स (पीआइओ) भी सक्रिय है। पाकिस्तानी सिम के उपयोग के साथ ही सीमा पार की रिश्तेदारी का फायदा उठाकर सीमांत गांवों में बसे लोगों को बरगलाने के प्रयासों को विफल करने के लिए अब बीएसएफ सतर्क है। बीएसएफ सिविक एक्शन प्रोग्राम के जरिये ग्रामीणों को जागरूक कर रही है।
पीआइओ पश्चिमी सीमा के भारत के इलाके में लगातार बढ़ रहे संसाधन और नेटवर्क को लेकर चिंता में आ गया है। ऐसे में साइबर टूल्स तलाशने के लिए बॉर्डर क्षेत्र में घुसपैठ शुरू कर दी है। बॉर्डर के अशिक्षित लोगों के झांसे में आने की आशंका को देखते हुए बीएसएफ ने लोगों को जागरूक करना प्रारंभ किया है।
पीआइओ सीमांत क्षेत्र के लोगों को सोशल साइट्स व फ्रॉड कॉल कर उनसे सामान्य जानकारियां पूछता है, जैसे सुबह रेल कितने बजे आई। अब सड़क मार्ग कैसा है? गांव में मोबाइल नेटवर्क के लिए क्या हो रहा है। बॉर्डर की जानकारी लेने की हरकतों को रोकने के लिए बीएसएफ सावचेत कर रही है।
बीएसएफ की बटालियन प्रोग्राम में विद्यार्थियों, ग्रामीणों और सरकारी कर्मचारियों को बुलाकर यहां 50 के करीब शोर्ट मूवी के जरिये यह समझाया जा रहा है कि किस तरह वे साइबर अपराध से बच सकते है।
पीआइओ छोटी-छोटी बातों से जानकारियां जुटाने के साथ बरगलाने के प्रयास में रहता है। साइबर क्राइम के भी लोग शिकार हो रहे है। सीमावर्ती क्षेत्र में बीएसएफ अब लगातार शिविर लगाकर लोगों को जागरूक कर रही है।
- राजकुमार बासटा, डीआइजी बीएसएफ बाड़मेर
Published on:
21 Feb 2025 11:19 am
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