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दसवीं करते ही चुल्हा-चौका संभाल रही बालिकाएं जानिए यह कड़वा सच पढि़ए पूरा समाचार

पढ़ाई छोडऩे को मजबूर छात्राएं
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 27 Nov 2017, 10:02 PM IST

जिले के पंचायत समिति व उप तहसील मुख्यालय पाटोदी पर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय का अभाव कस्बे व क्षेत्र की बालिकाओं के लिए परेशानी बना हुआ है।

जिले के पंचायत समिति व उप तहसील मुख्यालय पाटोदी पर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय का अभाव कस्बे व क्षेत्र की बालिकाओं के लिए परेशानी बना हुआ है।

बाड़मेर

जिले के पंचायत समिति व उप तहसील मुख्यालय पाटोदी पर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय का अभाव कस्बे व क्षेत्र की बालिकाओं के लिए परेशानी बना हुआ है। इसके चलते पढऩे की इच्छा होते हुए भी बालिकाएं पढ़ाई छोडऩे को मजबूर है।
प्रदेश सरकार ने वर्ष1989 में कस्बे में उच्च प्राथमिक विद्यालय स्वीकृत किया था । इसके कई वर्ष तक इस विद्यालय को क्रमोन्न नहीं किया। 2014 में इस विद्यालय को माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया। इस पर कस्बे व क्षेत्र की बालिकाओं को अच्छी सुविधा मिली। बड़ी संख्या में बालिकाओं ने इसमें प्रवेश लिया। वर्तमान में इस विद्यालय में 325 छात्राएं अध्ययनरत है।

दसवीं उत्तीर्ण छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए कस्बे में सरकारी स्तर पर कोई सुविधा नहीं मिल रही है। एेसे में अधिकांश बालिकाएं चाह कर भी उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रही है। पढ़ाई बीच में छोड़ घर का काम- काज कर रही है। कई छात्राएं स्वयंपाठी के रूप में पढ़ाई कर रही हैं। ग्रामीण व अभिभावक पिछले कई वर्षों से विद्यालय क्रमोन्नयन की मांग भी कर रहे हैं।

कैसे मिलेगा बढ़ावा- जिले को शिक्षा की दृष्टि से वैसे भी पिछड़़ा ही माना जाता है। एेसे में दूर-दराज के गांवों व ढाणियों में बालिका विद्यालय की कल्पना करना बेमानी है, लेकिन पंचायत समिति मुख्यालय पर भी उच्च शिक्षा को लेकर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय नहीं होने से शिक्षा को लेकर जागरूकता कैसे पैदा होगी, यह सवाल खड़ा हो रहा है।

बालिका शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा-
कस्बे में बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के अभाव में प्रति वर्ष कई बालिकाएं उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रही है। सरकार विद्यालय को क्रमोन्नत करें। इससे बालिकाओं को विकास के अवसर मिलेंगे।

- मिश्रीमल आचार्य, ग्रामीण

विद्यालय क्रमोन्नत करें- पंचायत समिति व उप तहसील मुख्यालय पर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय नहीं होना सही नहीं है। सरकार बालिकाओं को विकास के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए शीघ्र विद्यालय क्रमोन्नत करें।
पुरखाराम चान्दोरा