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राजस्व मंत्री के गृहजिले में दलाल कर रहे सीमाज्ञान

पटवारियों ने बना रखे हैं एजेंट :- जिला मुख्यालय से तहसील स्तर तक खुल गई है सीमाज्ञान व राजस्व कार्य करने वाले एजेन्टों की दुकानें. कलक्टर तक पहुंची शिकायत, दी हिदायत

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bhawani singh

Apr 21, 2017

Barmer

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राजस्व मंत्री अमराराम चौधरी के गृह जिले बाड़मेर में सीमाज्ञान व नेखमबंदी (पत्थरगड़ी) दलालों के भरोसे है। जिले में अप्रमाणिक राजस्व नक्शों से सीमाज्ञान करने का गोरखधंधा चल रहा है। भू-अभिलेख निरीक्षकों व पटवारियों ने दूरदराज के गांवों मेें नहीं जाने के आलस्य में एजेन्ट बना रखे हैं, जो अप्रमाणिक रूप से किसानों की जमीनों का सीमाज्ञान कर मनमुताबिक राशि वसूल रहे हैं। इधर, पटवारी भी इनकी रिपोर्ट पर भरोसा कर ठप्पा लगा देते हैं।

इंटरनेट से नक्शे डाउनलोड

राजस्व विभाग की ओर से जमीनों का सीमांकन और नेखमबंदी का कार्य राजस्व के प्रमाणिक नक्शों से ही किया जाता है। पटवारी और भू अभिलेख निरीक्षक मौके पर जाकर प्रमाणिक रिपोर्ट देते हैं, लेकिन बाड़मेर जिले में एजेंट इंटरनेट के राजस्व नक्शे डाउनलोड कर रखते हैं। जैसे ही सीमांकन और नेखमबंदी के लिए आवेदन आता है, पटवारी उसे इन एजेंटों के पास भेज देते हैं। बाद में ये एजेंट या इनके कार्मिक मौके पर जाकर सीमांकन करते हैं। उस पर फिर पटवारी व भू अभिलेख निरीक्षक प्रमाणिक मान सील लगा देते हैं।

कलक्टर ने जारी किया आदेश

जिला कलक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने 11 अप्रेल को जारी एक आदेश में इस मामले को गंभीर बताते हुए उल्लेख किया है कि पटवारी व भू अभिलेख निरीक्षकों की ओर से उपखण्ड व तहसील स्तर पर नेखमबंदी एवं सीमाज्ञान का निस्तारण भू अभिलेख निरीक्षकों की ओर से स्थानीय स्तर पर निजी फर्म व्यक्ति की ओर से अवैधानिक तैयार किए गए नेट पर उपलब्ध अप्रमाणित खसरा मैप इमेज को आधार मानकर किया जा रहा है। यह गलत है,इसको तुरंत रोका जाए। इसको गंभीरता से नहीं लिया गया तो अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

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