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मिड-डे-मील : दूध के तो हैं रुपए, खाने का खर्चा अधर में!

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Mid-Day-Mile: Milk is Rupees, the cost of food is in the balance

Mid-Day-Mile: Milk is Rupees, the cost of food is in the balance

दुग्ध योजना में मिल रही राशि : पोषाहार का बजट नहीं, संस्था प्रधान परेशान
मिड-डे-मील : दूध के तो हैं रुपए, 'खानेÓ का खर्चा अधर में!

बाड़मेर . सरकारी विद्यालयों में दो योजनाओं में से एक में तो समय पर बजट आ रहा है जबकि दूसरी में पांच-आठ माह से राशि जारी नहीं हुई है। पहली दुग्ध योजना है तो दूसरी मिड डे मील की। पिछले आठ माह से जिले के सैकड़ों विद्यालयों में मिड-डे-मील के तहत पोषाहार पकाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। हर विद्यालय का दो-तीन लाख रुपए का भुगतान अटका हुआ है।
सरकारी रसोडे पर अब बजट की मार संस्था प्रधानों पर भारी पड़ रही है। क्योंकि लम्बे समय से मिड-डे-मील की राशि का आवंटन नहीं हो रहा है। जानकारी के अनुसार बाड़मेर, सिणधरी, बालोतरा सहित सभी ब्लॉक में उक्त राशि आठ माह से नहीं मिली है।
गौरतलब है कि योजना के तहत पहली से आठवीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को पोषाहार दिया जाता है। जहां गेहूं, चावल, दाल का आवंटन सरकार करती है तो मसाले, गैस सिलेण्डर, तेल आदि की राशि सरकार विद्यालयों को जारी करती है। इस राशि का भुगतान जिले में करीब आठ माह से नहीं हुआ है। औसतन एक विद्यालय के डेढ़-दो लाख रुपए बकाया हो चुके हैं। एेसे में पूरे जिले के करोड़ों रुपए हो गए हैं।
अब तो उधारी देने से भी कर रहे आनाकानी
प्रत्येक एक-दो माह में भुगतान होने पर गांवों में संस्था प्रधान उधारी से काम चला लेते हैं, लेकिन आठ माह से राशि अटकी होने से लाखों रुपए हो गए हैं। अब दुकानदार भी पहले की उधारी मांग रहे हैं। संस्था प्रधान बजट आने की बात कह रहे है, लेकिन अभी तक यह नहीं पता की बजट आएगा कब।
जल्द ही जारी करें राशि
&पांच-सात माह से भुगतान नहीं होने से मिड-डे-मील संचालन करना मुश्किल हो रहा है। सरकार जल्द राशि जारी करे।
- बनाराम चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील
पोषाहार कैसे पकेगा
&इतने माह से राशि आवंटित नहीं होने से मिड-डे-मील का संचालन कैसे होगा। अतिशीघ्र राशि जारी कर राहत दी जाए।
- महेश दादाणी, शिक्षक नेता, शिक्षक संघ राष्ट्रीय
&सितम्बर से नहीं आया बजट : दूध की राशि आवंटित होते ही जमा कर दी है। मिड-डे-मील की राशि सितम्बर के बाद नहीं मिली है। हमने उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। जैसे ही राशि मिलेगी विद्यालयों को आवंटित कर देंगे।
राजेश्वरी चौधरी, जिला प्रभारी मिड-डे-मील, बाड़मेर