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मॉक संसद: युवाओं ने रखी अपनी बात, आतंकवाद व आर्थिक अपराध खत्म करने पर जोर

-एमबीसी गल्र्स कॉलेज में जिला युवा मॉक संसद का आयोजन -चयनित प्रतिभागियों ने बताई समस्या और समाधान के भी दिए सुझाव
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Mock Parliament : Emphasis on ending terrorism and economic offenses

Mock Parliament : Emphasis on ending terrorism and economic offenses

बाड़मेर. सम्मानीय स्पीकर, आपकी अनुमति से अपनी बात रखते हुए मैं यह कहना चाहती हूं कि आतंकवाद देश ही पूरे विश्व की सबसे बड़ी समस्या बन गया है। इसे खत्म करना जरूरी है। आज हर किसी को इस विषय पर सोचने की जरूरत है कि इसका खात्मा कैसे किया जाए।

कुछ इसी तरीके से स्पीकर की ओर नाम बोलने के बाद प्रतिभागियों ने अपनी बात रखी। अवसर था नेशनल यूथ पॉर्लियामेंट फेस्टिवल 2019 के तहत जिला युवा मॉक संसद का। कार्यक्रम का आयोजन एमबीसी गल्र्स कॉलेज में गुरुवार को हुआ।

युवाओं को अपनी बात रखने का मौका मिला तो सभी ने खास अंदाज में देश-विदेश की समस्याओं पर अपनी आवाज मुखर की। छात्र-छात्राओं ने आतंकवाद, बेरोजगारी, पर्यावरण, शिक्षा सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए इनके समाधान के सुझाव भी प्रस्तुत किए।

प्रतिभागियों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि देश का सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है। अधिकांश प्रतिभागियों ने इस पर चिंता जताते हुए इसके समाधान की बात रखते हुए सरकारी स्तर पर बेहतर प्रयास की जरूरत बताई।
प्रतिभागियों को तीन मिनट का समय

संसद में अपनी राय रखने के लिए तीन मिनट का समय निर्धारित किया गया था। यहां प्रतिभागियों को स्पीकर की अनुमति के बात प्रतिभागियों ने अपनी बात रखी। कई मामलों में प्रतिभागियों के अधिक समय पर स्पीकर ने उन्हें टोका भी, साथ ही ज्यादा समय लेने पर स्पीकर ने उन्हें बीच में बैठा भी दिया। वहीं कइयों को यह भी कहा कि समय के अनुरूप अपनी बात रखें।

ये रहे प्रमुख मुद्दे

आतंकवाद
प्रतिभागियों ने आतंकवाद पर चिंता जताते हुए कहा कि यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय है। इसे जड़ से खत्म करने की जरूरत है। कुछ प्रतिभोगियों के विचार में यह बात उभर कर आई कि बेरोजगारी के कारण ऐसा हो रहा है। इसके लिए युवाओं को अगर शिक्षा पूर्ण करने के बाद नौकरी मिल जाए तो वह भटकेगा नहीं।

पर्यावरण
मॉक संसद में प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिंता जताई। उनके विचार में पर्यावरण प्रदूषित करने में सभी लोग जिम्मेदार हैं। यह अंतरराष्ट्रीय समस्या है। इसके कारण ही आपदाएं बढ़ती जा रही हैं। संतुलन बिगडऩे से बेमौसम बरसात, ग्लेशियर का पिघलना और आपदाएं भी इनमें से एक कारण कर उभर कर सामने आई हैं।

खेलकूद

खेलो इंडिया को लेकर भी अपनी बात रखी। प्रतिभागी ने बताया कि खेलो इंडिया को और बेहतर बनाया जा सकता है। लेकिन इसमें जिन लोगों को जिम्मेदारी दी गई है वे इसे अच्छी तरह से निभाएं। जबकि अभी इसका उलटा हो रहा है। खेलो इंडिया के खेल के प्रचार की बजाय, जिम्मेदार दूसरे स्पोट्र्स को प्रमोट कर रहे हैं।

भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराध

आए दिन भ्रष्टाचार के मामले सामने आने पर चिंता जताते हुए प्रतिभागियों ने इस पर रोक के लिए कानून को और सख्त बनाने पर जोर दिया। साथ ही घोटालों में लिप्त होने वालों को कठोर सजा की बात को पूरजोर तरीके से रखा। आमजन में जागरूकता की बात भी बताई।

मॉक संसद में बोले 33 प्रतिभागी

कार्यक्रम के लिए 55 प्रतिभागियों का चयन किया था। लेकिन इसमें से 33 प्रतिभागी ही शामिल हुए। प्रतिभागियों का चयन भी ऑनलाइन किया गया था।

जूरी में ये रहे शामिल

प्रतिभागियों का चयन पांच जूरी सदस्यों डॉ. वन्दना जैन, लता कच्छवाह, मुकेश पचौरी, कलाकार स्वरूप पंवार, पार्षद कालू जांगिड़ ने किया। वहीं युवा संसद की स्पीकर के रूप में जयश्री छंगाणी उपस्थित रहीं।

भारती, पायल और ज्योति रही प्रथम तीन स्थान पर

फेस्टिवल के जिला नोडल अधिकारी डॉ. हुकमाराम सुथार ने बताया कि जिला युवा मॉक संसद में प्रथम भारती माहेश्वरी, द्वितीय पायल जैन, तृतीय ज्योति, चतुर्थ स्थान पर अंशु सोनी व पांचवें स्थान पर धारा शर्मा रहीं। इनमें से प्रथम तीन राज्य युवा संसद में सहभागिता निभाएंगी।

प्रारंभ में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. ललिता मेहता ने बताया कि युवा संसदीय मूल्यों को अपनाकर देश के भविष्य निर्माण में अपना योगदान दें।

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