
Mother and newborn will not be different,facility available ventilator
अब मां और नवजात नहीं होंगे जुदा...एमसीएच में मिलेगी वेंटिलेटर की सुविधा
बाड़मेर के राजकीय अस्पताल में अब बच्चों के लिए होगी वेंटिलेटर की सुविधा
पत्रिका की खबर के बाद अस्पताल प्रशासन हुआ गंभीर, समझी मां की पीड़ा
बाड़मेर. मातृ शिशु व स्वास्थ्य इकाई (एमसीएच) में अब गंभीर हालात वाले बच्चों को रैफर नहीं किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन ने यूनिट में लाइफ सपोर्ट सिस्टम की सुविधा करते हुए वेंटिलेटर की व्यवस्था कर दी है। अब यहीं पर ही गंभीर हालत के बच्चे को चिकित्सा मिल जाएगी। जबकि अब तक गंभीर हालत में होने पर नवजात व बच्चों को रैफर किया जाता रहा है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका के 2 फरवरी के अंक में प्रकाशित समाचार 'वेंटिलेटर के नाम पर मां-नवजात को किया जुदा, बहाना यह कि पर्याप्त चिकित्सक नहींÓ में नवजात से मां के अलग होने की पीड़ा को उजागर किया गया था। साथ ही अस्पताल में वेंटिलेटर होते हुए भी उसे नहीं चलाने की अव्यवस्थाएं बताई गई थी। अस्पताल प्रबंधन ने इसे गंभीरता से लेते हुए वेंटिलेटर की सुविधा शुरू की है।
माताओं को नहीं होगी पीड़ा
अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजात को यहां पर वेंटिलेटर नहीं होने के कारण रैफर कर दिया जाता था। नवजात को तो जोधपुर या निजी अस्पताल में भेज दिया जाता था, लेकिन मां एमसीएच यूनिट में भर्ती रहती थी। अपने कलेजे के टुकड़े से अलग होने की पीड़ा एक मां ही समझ सकती है, लेकिन यहां अव्यवस्थाओं के चलते यह पीड़ा मां को भुगतनी पड़ती थी। अब ऐेसा नहीं होगा।
अब वेंटिलेटर के कारण नहीं होंगे रैफर
एमसीएच में नवजात व बच्चे जिनको वेंटिलेटर पर लेने की जरूरत होगी, ऐसे बच्चे अब एमसीएच से रैफर नहीं किए जाएंगे। यहीं पर ही उनको उपचार मिल जाएगा। ऐसे में मां और बच्चा दोनों एमसीएच में ही रहेंगे।
ऑपरेट करने का मिलेगा प्रशिक्षण
एमसीएच में वेटिलेटर को ऑपरेट करने के लिए कार्मिकों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। विरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ की देखरेख में प्रशिक्षण होगा। इसमें नर्सिंग कार्मिकों को ऑपरेट करने का तरीका और बच्चे की देखभाल को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा।
राजकीय अस्पताल में पहली
बार चलेगा वेंटिलेटर
जिला अस्पताल में कभी भी पहले वेंटिलेटर नहीं चला है। हालांकि एमसीएच में एक और जिला अस्पताल में 9 वेंटिलेटर आए हुए काफी समय बीत चुका है। लेकिन यहां पर इनका संचालन कभी नहीं हुआ है। इसके कारण गंभीर मरीजों को रैफर ही किया जाता है। अब एमसीएच में वेंटिलेटर शुरू होने के साथ जिला अस्पताल में भी रखे वेंटिलेटर चालू होने की उम्मीद जगी है।
अब नहीं करेंगे रैफर
&एमसीएच यूनिट से अब गंभीर हालत वाले नवजात व बच्चों को वेंटिलेटर की जरूरत होने पर रैफर नहीं किया जाएगा। अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा शुरू की जा रही है।
डॉ. हरीश चौहान, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ, राजकीय चिकित्सालय बाड़मेर
Published on:
05 Feb 2019 09:05 am
