
नहर का नीर, कर रहा अधीर?
बाड़मेर. पंचायत समिति गिड़ा की ग्राम पंचायत हीरा की ढाणी से चंद फलांग दूरी पर ही नहरी पानी की पेयजल लाइन है, लेकिन गांवों से यह लाइन मानो कोसो दूर है, क्योंकि इसका पानी गांव में नहीं पहुंचता। हालांकि यहां पेयजल आपूर्ति को लेकर जीएलआर बना हुआ है, लेकिन सामान्य जलापूर्ति पर यहां पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं होती। एेेस में बुस्टर लगे तो ही यहां की पेयजल समस्या का समाधान हो सकता है। गौरतलब है कि गिड़ा, बालोतरा और सिवाना क्षेत्र के गांवों की पेयजल समस्या के समाधान को लेकर बालोतरा, फलसूंड, सिवाना लिफ्ट परियोजना शुरू की गई। सालों के इंतजार के बाद कुछ माह पहले इस परियोजना के तहत पाइप लाइन के मार्फत जलापूर्ति शुरू की गई है। इसके बाद लगा कि ग्राम पंचायत की पेयजल समस्या का समाधान होगा, लेकिन स्थिति अभी भी जस की तस ही है। यहां पेयजल आपूर्ति को लेकर बनाए गए हौद में पानी की आपूर्ति ना के बराबर हो रही है। स्थिति यह है कि यह सूखा हुआ है। एेसे में लोगों को अभी भी पेयजल के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
खारा पानी उसकी भी एडवासं बुकिंग- जीएलआर में पानी नहीं आने से लोगां को खारा पानी मंगवाना पड़ रहा है। इसक ेलिए भी एडवांस बुकिंग होती है। बुकिंग के पास दिन बाद पानी की आपूर्ति होती है। प्रति टैंकर पांच सौ रुपए देने होते हैं।
पशुधन की चिंता- क्षेत्र में अकाल की स्थिति के चलते पशुधन के लिए पानी का प्रबंध करना पशुपालकों के लिए टेढ़ी खीर हो गया है। यहीं कारण है कि महंगे दाम पर खारा पानी मंगवा रहे हैं, जो पशुओं के पीने के साथ नहाने व अन्य कार्य में काम लिया जा रहा है।
बुस्टर लगे तो मिटे समस्या- ग्रामीणों के अनुसार पेयजल की कम जलापूर्ति पर यहां बुस्टर लगाने की जरूरत है। बुस्टर लगने पर पानी की आपूर्ति में सुधर हो सकता है। इसको लेकर ग्रामीण कई बार विभागीय अधिकारियों को भी अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
Updated on:
14 Nov 2018 12:29 am
Published on:
14 Nov 2018 12:29 am
